नई दिल्ली, 10 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के रोहिणी कोर्ट ने कंझावला मामले के आरोपित आशुतोष भारद्वाज की जमानत याचिका पर सुनवाई टाल दी है। कोर्ट ने 12 जनवरी को जमानत याचिका पर अगली सुनवाई करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने इस मामले के छह आरोपितों को 09 जनवरी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। 09 जनवरी को आरोपित आशुतोष ने जमानत याचिका दाखिल की थी। दिल्ली पुलिस ने कहा था कि घटना में आशुतोष की भूमिका अलग है। वह उस शख्स का हैंडलर है, जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि कार घुमाने वाले रूट के 6 सीसीटीवी फुटेज लिये गए हैं, जिसमें पता चला कि आरोपित दुर्घटना के बाद आगे जाकर उतरे और उन्होंने देखा कि गाड़ी में कोई फंसा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने बताया था कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना की पूरी टाइम लाइन बना ली गई है।
दिल्ली पुलिस ने कहा था कि उसने आरोपितों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की है। इस मामले में एक और गवाह मिला है। फेस रिकॉग्निशन के जरिए सीसीटीवी से चेहरे की पहचान कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा था कि आप कब तक सीसीटीवी खोजते रहेंगे। अभी और कितना टाइम लगेगा। तब पुलिस ने कहा था कि इस मामले में 20 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने बताया था कि सभी आरोपितों की सुनने की शक्ति की जांच करवाई जाएगी, जिससे पता चल सके कि उनकी आवाज सुनने की क्षमता क्या है।
कोर्ट ने 07 जनवरी को सातवें आरोपित अंकुश खन्ना को जमानत दी थी। अंकुश खन्ना आरोपित अमित खन्ना का भाई है। अंकुश खन्ना को छोड़ कर बाकी छह आरोपित अभी पुलिस हिरासत में है। अंकुश खन्ना को 06 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। 06 जनवरी को कोर्ट ने छठे आरोपित आशुतोष भारद्वाज को तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। आशुतोष को 06 जनवरी को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। आशुतोष उस कार का मालिक है, जिस कार से घसीटते हुए अंजलि की मौत हुई थी।
आशुतोष पर आरोप है कि उसने अन्य आरोपितों को बचाने की कोशिश की। इस मामले का सातवां आरोपित अंकुश खन्ना एक और आरोपित अमित खन्ना का भाई है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में पता चला कि अमित कार चला रहा था और उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। एफआईआर के मुताबिक दीपक ने शुरुआत में पुलिस को बताया था कि वो कार चला रहा था और मनोज मित्तल उसके बगल वाली सीट पर था। अमित, कृष्णा और मिथुन पीछे वाली सीट पर बैठे थे।
पुलिस ने इस मामले में 02 जनवरी को आरोपितों मनोज मित्तल, दीपक खन्ना, अमित खन्ना, कृष्णा और मिथुन को गिरफ्तार किया था। इन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी कार से स्कूटी सवार युवती को टक्कर मारी। इसके बाद वे उसे 13 किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गए। इस दौरान युवती कार में ही फंसी रही। युवती की सारी हड्डियां चकनाचूर हो गई और उसके तन पर एक भी कपड़ा नहीं बचा। युवती के दोनों पैर, सिर व शरीर के अन्य हिस्से बुरी तरह कुचल गए। पुलिस ने गिरफ्तार किये गए पांच आरोपितों को 02 जनवरी को कोर्ट में पेश किया।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा था कि 31 दिसंबर की रात को हादसा हुआ। 13 किलोमीटर तक बॉडी को गाड़ी से घसीटा गया। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि सीसीटीवी फुटेज निकाला है, जिसमें पेट्रोल पंप और मुरथल का सीसीटीवी फुटेज नहीं मिल सका है। मेडिकल जांच में आरोपितों के शराब पीने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने से मौत का मामला दर्ज किया था, लेकिन बाद में भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) भी जोड़ दी।
