नई दिल्ली, 01 फरवरी। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने संविधान दिवस पर जमानत न मिल पाने के कारण सालों जेल में बिताने वालों के दुख का उल्लेख किया था। केन्द्रीय बजट में इस बार ऐसे लोगों के लिए सरकार योजना लेकर आई है।
केन्द्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को घोषणा की कि जेल में बंद गरीब कैदियों की जमानत पर आने वाला खर्च और उन पर लगाए गए जुर्माने की रकम अब सरकार देगी। यह घोषणा उन्होंने बजट में वंचितों की सहायता वाले भाग के दौरान की।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में जेल में छोटे-मोटे मामलों में बंद विचाराधीन कैदियों का मुद्दा उठाया था। उन्होंने सरकार तथा न्यायपालिका से मिलकर इस दिशा में कोई समाधान खोजने का आग्रह किया था।
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में अपने व्यक्तिगत अनुभवों और पृष्ठभूमि दोनों के माध्यम से अशिक्षित और न्यायिक प्रक्रियाओं से अपरिचित पिछड़े वर्ग की समस्या का उल्लेख किया था।
उन्होंने कहा, “हमें जेल में बंद लोगों के लिए कुछ करना चाहिए। उन्हें न तो मौलिक अधिकारों का पता है और न ही उनके मौलिक कर्तव्यों का। कुछ वहां 15 साल, 20 साल, 25 साल से हैं।”
