नई दिल्ली, 10 फरवरी (हि.स.)। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने लसीका फाइलेरिया (एलएफ) को खत्म करने के लिए शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है। वैश्विक लक्ष्य से तीन साल पहले 2027 तक लसीका फाइलेरिया को खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है।इस अभियान के तहत बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, ओडिशा, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश में फाइलेरिया के उच्च बोझ वाले जिलों में घर घर जा कर दवा पिलाई जाएगी। इस अभियान के कवरेज और निगरानी रिपोर्ट के दैनिक विश्लेषण के साथ-साथ ब्लॉक स्तर पर गहन निगरानी पर ध्यान दिया जाएगा।
अभियान की शुरुआत करते हुए स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि लिम्फेटिक फाइलेरिया(एलएफ) से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने सभी राज्यों को दवाओं के वितरण के बजाय प्रत्यक्ष निरीक्षण चिकित्सा पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया। उन्होंने ब्लॉक स्तर पर सघन मॉनिटरिंग पर ध्यान देने पर जोर दिया। उन्होंने गुणवत्ता डेटा सुनिश्चित करने के लिए मॉनिटर की निगरानी के अलावा सभी स्तरों पर कवरेज और निगरानी रिपोर्ट के दैनिक विश्लेषण की आवश्यकता पर भी ध्यान दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्यों से अच्छी प्रथाओं को अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा सकता है, इससे एलएफ को कुशलता से निपटने में मदद मिलेगी। इस मौके पर राजेश भूषण ने प्रमुख सचिवों और मिशन निदेशकों के साथ भी बातचीत की।
