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भारत और ब्रिटेन ने द्विपक्षीय वार्ता में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा पर जोर दिया

Date : 04-Mar-2023

  नौसेनाध्यक्ष से विचार-विमर्श में आपसी हित के विभिन्न मुद्दों को शामिल किया गया

- रक्षा क्षेत्र के उभरते खतरों से निपटने के तरीकों पर भी हुआ बैठक में विचार-विमर्श


नई दिल्ली। रायसीना डायलॉग में भाग लेने के लिए दो दिवसीय दौरे पर भारत आये रॉयल नेवी के चीफ ऑफ स्टाफ फर्स्ट सी लॉर्ड सर बेन की ने नई दिल्ली में नौसेनाध्यक्ष एडमिरल आर हरि कुमार के साथ बातचीत की। विचार-विमर्श के दौरान आपसी हित के विभिन्न मुद्दों को शामिल किया गया। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के प्रति सहयोगात्मक दृष्टिकोण रखने के लिए चर्चा में दोनों देशों ने इसके महत्व पर जोर दिया।

रायसीना डायलॉग में भाग लेने के लिए भारत आए फर्स्ट सी लॉर्ड सर बेन की ने अपनी यात्रा की शुरुआत 02 मार्च को राष्ट्रीय समर स्मारक पर जाकर पुष्प अर्पित करके की। इसके बाद उन्होंने नौसेनाध्यक्ष एडमिरल आर हरि कुमार के साथ बातचीत की। विचार-विमर्श के दौरान आपसी हित के विभिन्न मुद्दों को शामिल किया गया। बैठक के एजेंडा में रक्षा क्षेत्र के उभरते खतरों से निपटने के लिए दोनों नौसेनाओं के बीच पारस्परिकता को और बढ़ाने के उद्देश्य से समुद्री क्षमता विकास तथा अधिक से अधिक नौसेना सहयोग शामिल था। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के प्रति सहयोगात्मक दृष्टिकोण रखने के लिए चर्चा में दोनों देशों द्वारा इसके महत्व पर जोर दिया गया।

भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को वर्ष 2004 में एक 'रणनीतिक साझेदारी' के रूप में उन्नत किया गया था। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने पारस्परिक यात्राओं के माध्यम से इसे और मजबूत किया है। पिछले साल अप्रैल प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की भारत यात्रा के दौरान घोषित भारत-ब्रिटेन संयुक्त बयान के अनुसार भारतीय नौसेना और रॉयल नेवी के बीच सहयोगात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाया गया है। संयुक्त बयान में भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी के प्रमुख स्तंभ के रूप में रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को वर्तमान चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।

भारतीय नौसेना और रॉयल नेवी के बीच आपसी सहयोग में कोंकण द्विपक्षीय अभ्यास और संयुक्त सेवा अभ्यास कोंकण शक्ति, प्रशिक्षण का आदान-प्रदान तथा विभिन्न क्षेत्रों में समुद्री सूचना एवं विषय वस्तु विशेषज्ञों के आदान-प्रदान जैसी परिचालन संबंधी गतिविधियां शामिल हैं। इसके अलावा दोनों नौसेनाओं के युद्धपोत नियमित रूप से एक-दूसरे के बंदरगाहों का दौरा करते हैं। यह दौरे विशेष रूप से हिंद-प्रशांत क्षेत्र के बढ़ते महत्व के बाद से बढ़े हैं। फर्स्ट सी लॉर्ड सर बेन की वर्तमान यात्रा ब्रिटिश नौसेना के साथ भारतीय नौसेना के संबंधों का एक और उल्लेखनीय पहलू है। साथ ही यह दोनों नौसेनाओं के बीच बढ़ते संबंधों का एक उत्कृष्ट एकीकरण है।


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