पुणे, 19 मार्च सेमीकंडक्टर उद्योग महाराष्ट्र से गुजरात जाने की खामी पूरी करने के मकसद से राज्य सरकार ने हाल ही में देश और दुनिया की बड़ी कंपनियों के साथ अब तक 88 हजार करोड़ के निवेश पर एमओयू करार किये हैं। हाल ही के दिनों में 42 हजार 520 करोड़ के नए निवेश के एमओयू साइन किये गए हैं। इन करारों के अलावा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सरकार जापान और अमेरिका की बड़ी कंपनियां से भी बड़ा निवेश कराने की तैयारी में लगी है।
हजारों नई नौकरियों के अवसर मिलेंगे
सुपा इंडस्ट्रियल एस्टेट को लेकर महाराष्ट्र सरकार की बैंक ऑफ जापान से और अमेरिका के न्यू एरा क्लीनटेक सॉल्यूशन के साथ करार हुआ है, जिससे चंद्रपुर जिले के भद्रावती में 20 हजार करोड़ की कोयला गैसीकरण परियोजना से 15 हजार लोगों के लिए नई नौकरियों के अवसर खुलेंगे। गढ़चिरोली के चारमौशी में ब्रिटेन की वरद फेरो एलाइज की 15 सौ करोड़ रुपये की स्टील परियोजना से 2 हजार लोगों को, चंद्रपुर जिले में इजराइल की राजूरी स्टीलस एंड अलायंज सहायक कंपनी के 6 सौ करोड़ के स्टील प्रोजेक्ट से एक हजार को, पुणे के पिंपरी में पुर्तगाल के एलिट प्लास्टो ऑटो सिस्टम की 4 सौ करोड़ की प्लास्टिक आटोमोटिव परियोजना से 2 हजार तथा गोगोरो इंजीनियरिंग और बडवे इंजीनियरिंग की 20 हजार करोड़ की निवेश वाली ऑटो परियोजना से 30 हजार नौकरियों का रास्ता सुदृढ़ होगा।
करोड़ों के प्लांट पुणे में
रूखी फूड्स का ढाई सौ करोड़ की लागत का ग्रीन फील्ड फूड प्रोसेसिंग प्लांट पुणे में स्थापित होगा। इससे राज्य में खाद्य प्रसंस्करण क्षमता बढ़ेगी। महानगर के पास ही जापान की निप्रो कारपोरेशन कंपनी 1 हजार 650 करोड़ के निवेश से ग्लास ट्यूबिंग परियोजना स्थापित करेगी। इससे राज्य में दवा निर्माण क्षेत्र मजबूत होगा और इससे दो हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। औरंगाबाद में 12 हजार करोड़ के निवेश से अक्षय ऊर्जा परियोजना लगेगी, जिससे 6 हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। राज्य में शहरी बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर बर्कशायर-हेथवे 16 हजार करोड़ के निवेश को लेकर डीपीआर साइन की जा चुकी है।
बिजली-पानी और कनेक्टिविटी में नहीं आएगी कमी
मुख्यमंत्री ने जापान बैंक के कार्यकारी प्रबंध निदेशक शिगेटो हाशियाम के साथ पिछले दिनों बैठक के दौरान कहा था कि उनके बैंक के सहयोग से स्थापित किए जा चुके सभी औद्योगिक क्षेत्रों में एमआईडीसी औद्योगिक पार्क को अच्छी बिजली, पानी और कनेक्टिविटी दी जा रही है। इससे आने वाले नए उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बना है, साथ ही इकोसिस्टम पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर उनके साथ अतिरिक्त मुख्य सचिव भूषण गगरानी, उद्योग प्रमुख सचिव डॉक्टर हर्षदीप कांबले, मुख्य कार्यकारी अधिकारी एमआईडीसी विपिन शर्मा मौजूद रहे।
