देहरादून,11 जुलाई । उत्तराखंड में भारी और भूस्खलन से दोनों मंडलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई स्थानों पर हुए भूस्खलन और मलबा आने से हुए हादसों में आठ लोगों की जान चली गयी तो कई लोग घायल हुए हैं। साथ ही बाढ़ में फंसे कई लोगों को बचाया भी गया है। बारिश और मलबा आने से जगह-जगह सड़कें भी बाधित हुई हैं। बदरीनाथ और केदारनाथ मार्गों के अवरुद्ध होने से फिलहाल यात्रियों को रोक दिया गया है। शासन और प्रशासन के साथ राहत और बचाव कार्य में पुलिस,एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियां मुस्तैदी से लगी हुई हैं। राजधानी में भारी बारिश को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईएसबीटी, चंद्रबनी समेत विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी जनपदों में 12 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी के साथ रेड अलर्ट जारी किया है। इसके बाद के दिनों के लिए आरेंज अलर्ट की चेतावनी दी है।
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सुबह से ही रुद्रप्रयाग और श्रीनगर के बीच सिरोबगड़ में बंद चल रहा है। यहां पर पहाड़ी से लगातार मलबा गिर रहा है। दूसरी ओर उत्तरकाशी-घनसाली-केदारनाथ राज्यमार्ग भी तिलवाड़ा के निकट भूस्खलन के कारण बंद हो गया है। यहां भी गंगोत्री से आने वाले तीर्थ यात्रियों के साथ स्थानीय लोग फंसे हुए हैं। इससे फिलहाल यात्रा रुक गई है। रुद्रप्रयाग में दस से अधिक लिंक मोटरमार्ग भी बरसात के कारण बंद पड़ गये हैं।
उधर, बारिश के चलते सुरक्षा के लिहाज से फिलहाल केदारनाथ यात्रा को भी रोक दिया गया है। सुबह के समय जिन यात्रियों को केदारनाथ भेजा गया था, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोका जा रहा है। कल देर रात केदारनाथ हाइवे पर फाटा में बोल्डर गिरने से एक कांवड़ यात्री की भी मौत हो गई। देर रात केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव गौरीकुंड में पैदल मार्ग और बाजार में जल भराव हुआ है।
उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री हाइवे पर सोमवार की रात सोन नगर पर पहाड़ी खिसकने से चार लोगों की मौत हो गई और सात घायल हुए हैं। इस हादसे में मध्य प्रदेश के तीन यात्रियों और हरियाणा के चालक की मौत हुई है। इस हाइवे पर 3 वाहन फंस गए थे। इनमें कुल 30 लोग सवार थे। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक की हालत गंभीर है, जिसे एम्स,ऋषिकेश के लिए एयरलिफ्ट किया गया है।
उत्तराखंड के चमोली जिले के सीमावर्ती नीती घाटी को जोड़ने पुल टूट गया है। मलारी से आगे जुम्मा के पास सोमवार की देर सायं को ग्लेशियर टूटने के कारण जुम्मा नदी में भारी मलबा और बोल्डर बहने लगे थे जो जुम्मा नदी पर बने पुल पर फंस गये थे। इस मलबे के दबाव ने सोमवार की मध्यरात्रि को पुल को पूरी तरह से वास आउट कर दिया, जिससे क्षेत्र के 15 गांवों का संपर्क कट गया है।
देहरादून के कोटी रोड थाना कालसी में मंगलवार को बड़ा पत्थर गिरने से एक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दुर्घटना में तीन व्यक्तियों की मौत हो गई और तीन घायल हो गए। वाहन में छह लोग सवार थे। जबकि राजधानी में डाकपत्थर के पास यमुना नदी के टापू पर मंगलवार को उफनती नदी में फंसे 07 मजदूर वर्ग के लोगों को सकुशल रेस्क्यू किया गया। ये सभी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले हैं।
गंगोत्री से केदारनाथ मार्ग पर भटके दिल्ली और पंजाब के चार कांवड़ यात्रियों को एसडीआरएफ ने सकुशल बचा लिया। चारों केदारनाथ जाते समय त्रिजुगीनारायण में रास्ता भटक गए थे। एसडीआरएफ ने इनको सुरक्षित सोनप्रयाग पहुंचा दिया है। इन तीर्थयात्रियों में दिल्ली के परमेंद्र कुमार (45), रमन (27), कुलदीप (28) और पंजाब के राकेश (34) शामिल हैं। इन्होंने बताया कि गंगोत्री से गंगाजल भरकर पौराणिक मार्ग से केदारनाथ जा रहे थे। इसी दौरान दिशा भ्रम होने से रास्ता भटक गए थे।
हरिद्वार तीर्थनगरी में तीन दिनों से हो रही और सोमवार देर रात से लगातार भारी बारिश ने जिले भर में भारी तबाही मचाई है। समूची तीर्थनगरी बरसात के कारण समुद्र जैसी प्रतीत होने लगी है। शहर का कोई गली-मोहल्ला और बाजार ऐसा नहीं बचा जहां जल भराव न हुआ हो। जलभराव के कारण लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है तो दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान हो गया है।
पिछले 3 दिनों से पहाड़ों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने तीर्थ नगरी ऋषिकेश में भारी तबाही मचा दी है। इसके चलते चंद्रभागा नदी जहां पूरी तरह उफान पर आ गई है वहीं बादलों के सीना चीर लेने से गंगा नदी भी खतरे के निशान के समकक्ष बह रही है। तीर्थनगरी में गंगा का रौद्ररूप अख्तियार करने के कारण एम्स की इमरजेंसी और सरकारी अस्पताल में पानी घुसने से मरीजों को दिक्कत हो रही है। नैनीताल में हो रही बारिश से एक दर्जन सड़कें बंद हैं।
अलमोड़ा में ज्योली के पास एक शिक्षक की कार दुर्घटनाग्रस्त होकर खाई में गिर गयी। इस हादसे में कार में सवार दो अन्य तो छिटकर कर बाहर जा गिरे जबकि शिक्षक सचिन कार में ही फंस गए, जिससे उनकी मौत हो गयी।
उधर टकनपुर क्षेत्र के मनिहारगोठ गांव में मंगलवार को एक मकान पर आकाशीय बिजली गिरने से रसोई का लिंटर फट गया। कई ग्रामीणों के घरों में लगे विद्युत उपकरण फुंक गए। स्थानीय प्रशासनिक और आपदा प्रबंधन के अधिकारी घटनाओं पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
