पणजी/नई दिल्ली, 20 जनवरी । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) आने वाले कुछ महीनों में छात्रावास सर्वेक्षण, परिसर-परिसर वंदेमातरम जैसे अभियान चलाकर युवाओं को जागरुग करने के साथ राष्ट्रीय एकता से जोड़ेगी। इसके अलावा अपने ‘स्क्रीन टाइम से एक्टिविटी टाइम’ अभियान को व्यापक स्तर पर लागू कर युवाओं को डिजिटल लत से बाहर निकालेगी।
15 फरवरी से 15 मार्च तक देशभर में ‘छात्रावास सर्वेक्षण अभियान’ संचालित किया जाएगा, वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में 23 मार्च से 15 अगस्त तक देशभर के शैक्षिक परिसरों में ‘परिसर–परिसर वंदे मातरम्’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसके माध्यम से युवाओं में देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक चेतना को जागृत किया जाएगा। साथ ही, राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए ‘स्क्रीन टाइम से एक्टिविटी टाइम’ अभियान को व्यापक स्तर पर लागू करते हुए युवाओं को डिजिटल लत से बाहर निकालकर खेल, सामाजिक सहभागिता, रचनात्मक एवं शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य भी अनेकानेक कार्यक्रमों के माध्यम से वर्ष भर किया जाएगा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की दो दिवसीय केन्द्रीय कार्यसमिति बैठक 17 एवं 18 जनवरी को गोवा के जांबावली स्थित श्री दामोदर संस्थान में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। बैठक के समापन के उपरांत आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने बैठक में हुए विचार-विमर्श, निर्णयों तथा आगामी कार्ययोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि केन्द्रीय कार्यसमिति बैठक के माध्यम से अभाविप ने आगामी समय के लिए संगठनात्मक, शैक्षिक और सामाजिक कार्यों की स्पष्ट दिशा तय की है। यह बैठक केवल समीक्षा की नहीं, बल्कि भविष्य की कार्ययोजनाओं को जमीन पर प्रभावी रूप से उतारने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रही है। संगठनात्मक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करने, कार्यकर्ताओं की भूमिका को स्पष्ट करने तथा छात्रहित से जुड़े विषयों पर ठोस हस्तक्षेप सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सहमति बनी है। राष्ट्रव्यापी अभियानों के माध्यम से अभाविप विद्यार्थियों के समग्र विकास के साथ-साथ राष्ट्रीय चेतना को सशक्त करने का कार्य करेगी।
वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि 15 फरवरी से 15 मार्च तक देशभर में ‘छात्रावास सर्वेक्षण अभियान’ संचालित किया जाएगा, वंदे मातरम् के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में 23 मार्च से 15 अगस्त तक देशभर के शैक्षिक परिसरों में ‘परिसर–परिसर वंदे मातरम्’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसके माध्यम से युवाओं में देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक चेतना को जागृत किया जाएगा। साथ ही, राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर प्रारंभ किए गए ‘स्क्रीन टाइम से एक्टिविटी टाइम’ अभियान को व्यापक स्तर पर लागू करते हुए युवाओं को डिजिटल लत से बाहर निकालकर खेल, सामाजिक सहभागिता, रचनात्मक एवं शारीरिक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य भी अनेकानेक कार्यक्रमों के माध्यम से वर्ष भर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि संघ शताब्दी वर्ष सहित विभिन्न महापुरुषों और ऐतिहासिक प्रसंगों से जुड़े आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रेरणा, मूल्यबोध और सामाजिक दायित्व की भावना को मजबूत किया जाएगा। साथ ही समसामयिक राष्ट्रीय विषयों, विशेषकर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसे मुद्दों पर संवाद, संगोष्ठियों और छात्रसंघ संबंधी सुधारों के प्रयास यह सुनिश्चित करेंगे कि विद्यार्थी केवल शैक्षणिक परिसरों तक सीमित न रहें, बल्कि जागरूक नागरिक के रूप में राष्ट्रनिर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएं।
महामंत्री ने बताया कि स्टूडेंट्स एक्सपीरियंस इन रीजनल अंडरस्टैंडिंग (एसइआरयू) प्रकल्प के तहत लद्दाख के विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकात्मता का भाव भरने के लिए एसइआरयू यात्रा भी 26 फ़रवरी से 9 मार्च तक आयोजित की जाएगी, जिसमे लद्दाख से आए विद्यार्थियों को उत्तरक्षेत्र के विभिन्न राज्यों में भ्रमण के माध्यम से जीवन-शैली व लोक संस्कृति की अनुभूति करायी जाएगी।
उन्होंने कहा कि बैठक में सभी आयामों की आगामी योजनाओं, कार्यशालाओं, इंटर्नशिप, सम्मेलनों एवं छात्र-सहभागिता आधारित गतिविधियों की रूपरेखा तय की गई, जिससे विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके और सामाजिक सरोकारों से जुड़ा नेतृत्व विकसित किया जा सके।
