केंद्रीय परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ.जितेंद्र सिंह ने कहा है कि चंद्रयान-3 विश्व के लिए चांद पर नयी संभावनाओं का द्वार खोलेगा। चंद्रयान-3 को शुक्रवार को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से छोड़ा जाएगा। डॉ0 सिंह ने कहा है कि भारत का पहला मिशन चंद्रयान-1 ने चांद के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। इस मिशन से विश्व को पहली बार चांद की सतह पर पानी के मौजूद होने के साक्ष्य मिले।
इकोनॉमिक टाइम्स को दिये एक साक्षात्कार में डॉ0 सिंह ने कहा कि पूरी दुनिया चंद्रयान-3 को बड़ी आशा के साथ देख रही है। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 मिशन चांद के एक कदम और करीब जाने का संकेत है। यह मिशन इस सत्य का भी परिचायक है कि भारत अन्य देशों से पीछे नहीं है। चंद्रयान-3 न केवल चांद से चांद का अवलोकन करेगा, बल्कि यह चांद से पृथ्वी पर भी नजर रखेगा। यह इस मिशन की अद्भुत विशेषता है। डॉ0 सिंह ने कहा कि 424 विदेशी उपग्रहों को अब तक भारत ने प्रक्षेपित किया है। इनमें से 389 उपग्रह इस सरकार द्वारा पिछले नौ वर्षों में प्रक्षेपित किये गये हैं।
