केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि चंद्रयान-3 विशेष रूप से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में भारत का अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढायेगा। उन्होंने कहा कि नासा और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) संयुक्त रूप से मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान सहयोग का रणनीतिक ढांचा विकसित कर रहे हैं। नासा, भारत के अंतरिक्ष यात्रियों को आमंत्रित कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की अमेरिका यात्रा के दौरान आर्टेमिस समझौते पर भी हस्ताक्षर किये गये। यह मानव जाति के कल्याण के लिए अंतरिक्ष के क्षेत्र में अन्वेषण के दृष्टिकोण की परिकल्पना करता है। डॉ.सिंह "क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी: क्वांटम टेक्नोलॉजीज एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर ट्रांसफॉर्मिंग लाइव्स" पर सहयोग प्रस्ताव आमंत्रित करने के लिए आयोजित सम्मेलन में भारत में अमरीका के राजदूत एरिक गर्सेटी के संबोधन के बाद बोल रहे थे।
ये प्रस्ताव 31 अगस्त तक प्राप्त किये जा सकते हैं। इस संबंध में भारत-अमरीकी प्रौद्योगिकी नवाचार और उद्यमशीलता के ऐसे प्रस्ताव आमंत्रित किये गये हैं जो व्यावहारिक और सामाजिक रूप से प्रासंगिक हैं। यह सतत विकास लक्ष्यों के विभिन्न पहलुओं के अनुरूप भारत-अमेरिकी प्राथमिकताओं को बढ़ावा देगा।
