केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में, सहकारिता क्षेत्र में किसान उत्पादक संगठन-एफ.पी.ओ. पर नेशनल मेगा कॉनक्लेव का उद्घाटन किया। उन्होंने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों द्वारा एक हजार एक सौ नये एफ.पी.ओ के गठन के लिए कार्ययोजना जारी की है। श्री शाह ने कहा कि भारत जैसे देश में जहां 65 करोड लोग कृषि से जुड़े हैं वहां नई ऊचाईयों को छूने के लिए सहकारिता आंदोलन को पुनर्जीवित करना, आधुनिक बनाना और पारदर्शिता लाना बहुत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन, देश की कृषि से जुड़ी आबादी और उनकी लघु पूंजी को सहकारिता के माध्यम से जोड़कर महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। सहकारिता मंत्री ने कहा कि सरकार ने दस हजार एफपीओ बनाने की घोषणा की है और इसे 2027 तक हासिल करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने इसके लिए छह हजार 900 रुपये आवंटित किये हैं। श्री अमित शाह ने कहा है कि यदि सहकारिता के माध्यम से कृषि, पशुपालन और मछलीपालन को मजबूत किया जाता है तो रोजगार के अवसर बढेंगे तथा सकल घरेलू उत्पाद में भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दस साल में धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 55 प्रतिशत और गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 51 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सहकारिता मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार स्वतंत्रता के बाद ऐसी पहली सरकार है जिसने किसानों की लागत से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक मुनाफा निश्चित किया है
