उत्तर भारत के कई हिस्से और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कुछ इलाके बाढ़ से प्रभावित हैं। दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर आज से कम होना शुरू हो गया है। यह 208 दशमलव छह-छह मीटर की रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंच गया था। हालांकि नदी अब भी 205 दशमलव तीन-तीन मीटर पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। शाम तक यमुना का जलस्तर 208 दशमलव एक-चार मीटर रिकार्ड किया गया। इसके और कम होने की संभावना है। कश्मीरी गेट, आईएसबीटी, यमुना बाजार, राजघाट, आईटीओ, मजनू का टीला, सिविल लाइन्स, गीता कालोनी और मयूर विहार सहित दिल्ली के कुछ इलाकों में जलभराव तथा बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। इन क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव कार्यों में जुटी हैं। दिल्ली में भारी वाहनों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाई जा चुकी है। केवल आवश्यक वस्तुओं से लदे वाहनों को ही दिल्ली आने दिया जा रहा है। बाढ़ का पानी भरने के कारण तीन जलशोधन संयंत्र-ओखला, वजीराबाद और चंद्रावल कल बंद कर दिये गये थे। ओखला संयंत्र को फिर से चालू कर दिया गया है। बाढ जैसी स्थिति के कारण भैरो मार्ग, रिंग रोड, विकास मार्ग, चंदगीराम अखाड़ा से आई.पी कॉलेज तक वाहनों की आवाजाही बंद है।
उत्तर भारत के कई हिस्से और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कुछ इलाके बाढ़ से प्रभावित
केन्द्रीय मंत्री और नई दिल्ली से सांसद मीनाक्षी लेखी ने यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर आज लालकिला का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा की।
