राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में भूमि सम्मान प्रदान करेंगी। यह पुरस्कार नौ राज्य सचिवों, 68 जिलाधिकारियों और उनकी टीम को प्रदान किया जाएगा। इन जिलों में भू-अभिलेखों के पूर्ण डिजीकरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य के राजस्व और पंजीकरण अधिकारियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह पहला मौका है जब अधिकारियों को श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए भूमि सम्मान प्रदान किया जा रहा है। चालू वर्ष को भूमि सम्मान स्थापना वर्ष के रूप में भी जाना जाएगा।
भूमि सम्मान योजना विश्वास और साझेदारी पर आधारित केन्द्र-राज्य सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण है। श्री गिरिराज सिंह ने कहा कि भू-अभिलेखों के डिजीकरण और पंजीकरण से भूमि विवाद से जुड़े अदालती मुकदमों की संख्या कम होगी और मुकदमों के कारण लंबित परियोजनाओं से देश के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी को हो रहा नुकसान भी कम होगा।
