आयुष मंत्रालय ने पारंपरिक चिकित्सा के बारे में भारत-आसियान सम्मेलन का आज नई दिल्ली में आयोजन किया। इसमें भारत और आसियान के 75 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर आयुष मंत्री सर्बानन्द सोनोवाल ने कहा कि यह सम्मेलन सतत् विकास लक्ष्य हासिल करने में पारंपरिक चिकित्सा के विभिन्न आयामों पर चर्चा के लिए मंच प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली में सभी के लिए स्वास्थ्य लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता है।
सम्मेलन को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए आसियान के महासचिव डॉ. काओ किम हॉर्न ने भारत और आसियान के बीच साझा संस्कृति और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का उल्लेख किया। उन्होंने आसियान और भारत के बीच समन्वय के तीन मुख्य बिन्दुओं के बारे में बताया। इनमें पारंपरिक तथा पूरक चिकित्सा के जरिये जन स्वास्थ्य में सहयोग शामिल है।
