अमेरिका के सामने शट डाउन का संकट, ठप हो सकता है कामकाज | The Voice TV

Quote :

“स्वयं जैसे हो वैसे ही रहो; बाकी सब तो पहले से ही कोई और बन चुके हैं।” ― ऑस्कर वाइल्ड

International

अमेरिका के सामने शट डाउन का संकट, ठप हो सकता है कामकाज

Date : 30-Sep-2023

 वाशिंगटन, 30 सितंबर (हि.स.)। अमेरिका के सामने एक नया संकट मुंह बाए खड़ा है। अक्टूबर की पहली तारीख से अमेरिका में शट डाउन की संभावना के चलते पूरा कामकाज ठप हो सकता है। शट डाउन टालने के लिए अमेरिकी संसद में पेश तात्कालिक उपायों को मंजूरी न मिलने से स्थितियां खतरनाक मानी जा रही हैं।

दरअसल जब-जब अमेरिकी सरकार की वित्तीय स्थितियों (फंडिंग) को लेकर गतिरोध पैदा होता है, अमेरिका में सरकार के शट डाउन होने की नौबत आ जाती है। पिछले कुछ वर्षों में ऐसी स्थितियां बार-बार आ रही हैं। इन स्थितियों में सारे नेशनल पार्क बंद हो जाते हैं और केंद्रीय सरकार के करीब 40 लाख कर्मचारियों का वेतन रुक जाता है। साथ ही अमेरिका की केंद्रीय सरकार की वित्तीय मदद से चलने वाले वैज्ञानिक शोध कार्यों समेत कई तमाम काम प्रभावित हो जाते हैं। इस बार एक अक्टूबर से शट डाउन का संकट एक बार फिर मुंह बाए खड़ा है। ऐसे में कुछ आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर केंद्रीय एजेंसियों से जुड़े ज्यादातर काम रुकने की संभावना जताई जा रही है। 

अमेरिकी सरकार के शट डाउन को टालने के लिए अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में तात्कालिक उपायों को पेश कर मंजुूरी मांगी गयी थी। इन उपायों को मंजूरी मिलने पर तीस दिन के लिए शट डाउन का संकट टल सकता था, किन्तु हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव से इन उपायों को मंजूरी ही नहीं मिली। सदन में इन उपायों के पक्ष में सिर्फ 198 वोट पड़े, जबकि विरोध में 232 वोट पड़े। सदन में पेश प्रस्ताव में केंद्रीय एजेंसियों के खर्च में कटौती और इमिग्रेशन पर रोक जैसे प्रावधान शामिल थे। वैसे माना जा रहा था कि हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में पास होने के बाद भी इन उपायों को उच्च सदन सीनेट से मंजूरी मिलने में भी अड़चनें आ सकती थीं। फिलहाल निचले सदन से ही उपायों को मंजूरी न मिलने से एक अक्टूबर से शट डाउन का खतरा मंडराने लगा है। अब यदि 30 सितंबर की आधी रात तक फंडिंग बिल अमेरिकी संसद से पारित नहीं होता है, तो संघीय कर्मचारियों को भुगतान मिलना बंद हो जाएगा। वहीं, कर्मचारियों की कमी के कारण हवाई यात्रा मुश्किल हो सकती है और देश के कुछ सबसे कमजोर परिवारों के लिए खाद्य लाभ रुक सकता है।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement