म्यांमार भूकंप में मरने वालों की संख्या 2,700 के पार; भारत ने राहत कार्यों के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया | The Voice TV

Quote :

"छोटा सा बदलाव ही जिंदगी की एक बड़ी कामयाबी का हिस्सा होता है"।

International

म्यांमार भूकंप में मरने वालों की संख्या 2,700 के पार; भारत ने राहत कार्यों के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया

Date : 02-Apr-2025

म्यांमार में पिछले हफ़्ते आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या 2,700 से ज़्यादा हो गई है। म्यांमार के सैन्य नेता मिन आंग ह्लाइंग ने कल टेलीविज़न पर दिए गए अपने संबोधन में कहा कि मरने वालों की संख्या 2,719 हो गई है और यह संख्या तीन हज़ार से ज़्यादा होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि 4,521 लोग घायल हुए हैं और 441 लापता हैं।

इस बीच, देश में बचाव अभियान जोरों पर चल रहा है। भारत ने खोज और बचाव, मानवीय सहायता, आपदा राहत और चिकित्सा सहायता सहित आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा शुरू किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि एक भारतीय चिकित्सा दल द्वारा स्थापित आर्मी फील्ड अस्पताल ने अब तक दो प्रमुख सर्जरी सहित लगभग 104 रोगियों का इलाज किया है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि 16 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री लेकर एक भारतीय वायु सेना का विमान कल मांडले हवाई अड्डे पर पहुंचा। मानवीय सहायता को लेफ्टिनेंट जनरल म्यो मो आंग और म्यांमार सरकार के गणमान्य लोगों को सौंप दिया गया। एचएडीआर सहायता के लिए मांडले में उतरने वाला यह पहला विमान था। मंत्रालय ने कहा कि एनडीआरएफ की टीमें काम कर रही हैं और उन्होंने पांच और शव बरामद किए हैं। अब तक कुल संख्या 16 है। एनडीआरएफ गंगा घाट मंदिर में खोज और बचाव अभियान भी चला रहा है।

शुक्रवार को देश के मांडले क्षेत्र में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके कुछ ही मिनटों बाद 6.4 तीव्रता का आफ्टरशॉक आया, जिससे भारी जनहानि और क्षति हुई। थाईलैंड, वियतनाम, लाओस और दक्षिण-पश्चिम चीन में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।

अब तक भारत ने ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत छह विमानों और पांच भारतीय नौसेना जहाजों के माध्यम से 625 मीट्रिक टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (एचएडीआर) सामग्री पहुंचाई है।

कल विशाखापत्तनम बंदरगाह से भारतीय नौसेना का एक और जहाज घड़ियाल 442 मीट्रिक टन खाद्य सहायता लेकर यांगून के लिए रवाना हुआ। इसमें 405 मीट्रिक टन चावल, 30 मीट्रिक टन खाना पकाने का तेल, 5 मीट्रिक टन बिस्कुट और 2 मीट्रिक टन इंस्टेंट नूडल्स शामिल हैं। इन आपूर्तियों का उद्देश्य म्यांमार में प्रभावित आबादी की तत्काल खाद्य आवश्यकताओं को पूरा करना है।  

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत जमीनी स्तर की जरूरतों और आवश्यकताओं के आधार पर म्यांमार को और अधिक भौतिक सहायता और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। 


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload









Advertisement