नेप्यीडॉ (म्यांमार), 07 फरवरी । म्यांमार में पिछले 24 घंटे में दो बार भू-गर्भीय हलचल हुई है। आज तड़के फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.9 मापी गई। रिक्टर स्केल पर एक दिन पहले शुक्रवार को 4.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। फिलहाल कहीं से भी नुकसान की सूचना नहीं है।
भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने एक्स पोस्ट पर यह जानकारी दी। पोस्ट के अनुसार भूकंप 85 किलोमीटर की गहराई पर आया। शुक्रवार को भूकंप की गहराई 96 किलोमीटर रही। इससे पहले म्यांमार में दो फरवरी को 115 किलोमीटर की गहराई पर 4.5 तीव्रता का भूकंप आया था। तीन फरवरी को इस क्षेत्र में 20 किलोमीटर की कम गहराई पर भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.3 मापी गई।
भूगर्भ वैज्ञानिकों के अनुसार उथले भूकंप आमतौर पर गहरे भूकंप की तुलना में अधिक खतरनाक होते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि उथले भूकंप से निकलने वाली तरंगें सतह तक कम दूरी तय करती हैं। इससे धरती जोर से हिलती है। इमारतों को अधिक नुकसान होता है और ज्यादा लोग मारे जाते हैं।
वैसे भी म्यांमार अपने लंबे समुद्र तट के किनारे मध्यम और बड़े तीव्रता वाले भूकंप और सुनामी के खतरों के प्रति संवेदनशील है। यह चार टेक्टोनिक प्लेट्स (इंडियन, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेटों) के बीच फंसा हुआ है। म्यांमार से 1,400 किलोमीटर लंबी एक ट्रांसफ़ॉर्म फॉल्ट गुजरती है। यह अंडमान स्प्रेडिंग सेंटर को उत्तर में सागाइंग फॉल्ट नामक टकराव क्षेत्र से जोड़ती है। सागाइंग फॉल्ट सागाइंग, मांडले, बागो और यांगून के लिए भूकंप का खतरा बढ़ाती है।
पिछले साल 28 मार्च को म्यांमार में आए शक्तिशाली भूकंप में 3,649 लोगों की मौत हो गई थी और पांच हजार से अधिक लोग घायल हो गए थे। म्यांमार की सैन्य सरकार के तत्कालीन प्रवक्ता मेजर जनरल जॉ मिन टुन ने कहा था कि भूकंप की तीव्रता 7.7 मापी गई थी।
