साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने देशभर में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत 39.43 लाख मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए गए हैं, जबकि 2.27 लाख मोबाइल हैंडसेट और 1.31 लाख एसएमएस टेम्पलेट्स को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है।
राज्यसभा में सरकार ने दी कार्रवाई की जानकारी
संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर ने गुरुवार को राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए दूरसंचार विभाग ने डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (डीआईपी) की स्थापना की है, जिससे साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
‘संचार साथी’ पोर्टल से नागरिकों की भागीदारी
मंत्री ने बताया कि दूरसंचार विभाग की ‘संचार साथी’ पहल वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से आम नागरिकों के लिए उपलब्ध है। इसके तहत ‘चक्षु’ सुविधा के जरिए नागरिक संदिग्ध कॉल, मैसेज और अन्य धोखाधड़ी से जुड़े संचार की रिपोर्ट कर सकते हैं।
धोखाधड़ी की कोशिश और वास्तविक नुकसान में अंतर
डॉ. चंद्र शेखर ने कहा कि संचार साथी का उद्देश्य उन मामलों की रिपोर्टिंग को बढ़ावा देना है, जहां धोखाधड़ी की कोशिश तो की गई हो, लेकिन वास्तविक वित्तीय नुकसान नहीं हुआ हो। जिन मामलों में वास्तविक नुकसान हुआ है, उनकी जांच भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4सी) द्वारा की जाती है, जो गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
कार्रवाई से पहले उपभोक्ता को मिलता है मौका
मंत्री ने बताया कि आमतौर पर किसी मोबाइल कनेक्शन पर कार्रवाई करने से पहले उपभोक्ता को पुनः सत्यापन का अवसर दिया जाता है। संचार साथी पोर्टल के डैशबोर्ड पर की गई सभी कार्रवाइयों का विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।
7.7 लाख इनपुट्स के आधार पर हुई कार्रवाई
उन्होंने कहा, “नागरिकों से प्राप्त 7.7 लाख इनपुट्स के आधार पर 39.43 लाख मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए गए, 2.27 लाख मोबाइल हैंडसेट ब्लैकलिस्ट किए गए और 1.31 लाख एसएमएस टेम्पलेट्स को ब्लैकलिस्ट किया गया है।”
एफआरआई से 1,000 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी रोकी
मंत्री के अनुसार, डीआईपी के जरिए साझा की गई जानकारी के आधार पर संबंधित स्टेकहोल्डर्स अपने-अपने क्षेत्र में जुड़े खातों और प्रोफाइल्स पर कार्रवाई करते हैं। फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (एफआरआई) के माध्यम से समय पर अलर्ट और लेनदेन रोकने के चलते अब तक 1,000 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी को रोका जा चुका है।
व्हाट्सऐप ने भी 28 लाख अकाउंट किए निष्क्रिय
इसके अलावा, मंत्री ने बताया कि व्हाट्सऐप ने साझा मोबाइल नंबरों से जुड़े 28 लाख प्रोफाइल और अकाउंट्स को भी निष्क्रिय किया है, जो साइबर फ्रॉड से जुड़े पाए गए थे।
