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नेपाल में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रधानमंत्री नहीं देंगे जवाब, वित्त मंत्री को दी जिम्मेदारी

Date : 14-May-2026

 काठमांडू, 14 मई । नेपाल की संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देने से प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने इंकार कर दिया है और अब प्रधानमंत्री शाह की जगह वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले सरकार की तरफ से जवाब देंगे।

प्रतिनिधि सभा की आज की कार्यसूची में भी यह उल्लेख किया गया है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण और सरकार की नीति तथा कार्यक्रम पर उठे सवालों का उत्तर वित्त मंत्री देंगे। आज सुबह तय की गई प्रतिनिधि सभा की दैनिक कार्यसूची के दूसरे नंबर पर यह विषय रखा गया है।

कार्यसूची में कहा गया है, "प्रधानमंत्री की ओर से वित्त मंत्री डॉ. स्वर्णिम वाग्ले द्वारा राष्ट्रपति के द्वारा सोमवार को संघीय संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में दिए गए संबोधन में उल्लिखित आर्थिक वर्ष २०२६-२०२७ की नेपाल सरकार की वार्षिक नीति तथा कार्यक्रम पर हुई चर्चा के दौरान उठाए गए प्रश्नों का उत्तर प्रस्तुत किया जाएगा।”

नीति तथा कार्यक्रम पर चर्चा और जवाब के लिए विपक्षी दल प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की उपस्थिति की मांग कर रहे हैं। प्रतिनिधि सभा की बुधवार की बैठक में प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति के बाद विपक्षी दलों ने लगातार नारेबाजी और अवरोध किया था।

विपक्ष का कहना था कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव स्वयं प्रधानमंत्री को सदन में पेश करना चाहिए। बाद में अध्यक्ष डीपी आर्यल की पहल पर हुई चर्चा के बाद विपक्षी दल मंत्रियों को प्रस्ताव टेबल करने देने के लिए तैयार हुए, लेकिन उन्होंने चर्चा और जवाब के दौरान प्रधानमंत्री की उपस्थिति अनिवार्य होने की बात पर अड़े रहे।

विपक्षी दलों ने कई बार स्पीकर से प्रधानमंत्री को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्यवस्था देने की मांग की थी। हालांकि, अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री की कार्यसूची की जानकारी अपने पास न होने की बात कहते हुए ऐसा निर्णय देने में असमर्थता जताई। इसके बाद विपक्ष ने कल सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी।

विपक्ष के लगातार अवरोध के बाद अध्यक्ष ने बैठक को आज तक के लिए स्थगित कर दिया था।

अब आज की बैठक में नीति तथा कार्यक्रम पर चर्चा होने की कार्यसूची तय की गई है। वित्त मंत्री के जवाब देने के बाद सरकार की वार्षिक नीति तथा कार्यक्रम पर प्राप्त संशोधनों को निर्णय के लिए पेश किया जाएगा।

आज ही सरकार की वार्षिक नीति तथा कार्यक्रम को निर्णयार्थ प्रस्तुत करने की भी कार्यसूची है। इसके बाद विनियोजन विधेयक के सिद्धांत और प्राथमिकताएं पेश की जाएंगी।


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