चुनाव आयोग ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को दो मतदाता पहचान पत्र (ईपीआईसी) रखने के आरोप में एक बार फिर रिमाइंडर नोटिस भेजा है। आयोग ने यादव द्वारा 2 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाए गए वोटर आईडी कार्ड के संबंध में स्पष्ट जानकारी मांगी है।
चुनाव आयोग ने कहा है कि प्रेस के समक्ष दिखाया गया पहचान पत्र आयोग द्वारा जारी नहीं किया गया प्रतीत होता है, और इस संबंध में जांच आवश्यक है। पहले भी, दीघा विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) ने 3 अगस्त को तेजस्वी यादव को पत्र भेजकर मूल ईपीआईसी कार्ड और उससे संबंधित दस्तावेजों की मांग की थी। लेकिन अब तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया गया है।
इस मामले को लेकर राजद ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दबाव में काम कर रहा है और विपक्षी नेताओं को निशाना बना रहा है। तेजस्वी यादव ने कहा कि आयोग को पहले विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर राजद द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देना चाहिए।
इस बीच, 1 अगस्त को मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के बाद अब तक किसी भी राजनीतिक दल ने हटाए गए नामों को लेकर कोई औपचारिक दावा या आपत्ति दर्ज नहीं कराई है।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में चुनावी तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं, और मतदाता सूचियों की पारदर्शिता व विश्वसनीयता को लेकर बहस भी तेज होती जा रही है।
