औरैया, 12 मई । उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में रजवाहा से निकाली गई सिल्ट की उठान में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। ठेकेदार द्वारा अधिकारियों को गुमराह कर पांच बाइकों के पंजीकरण नंबर ट्रैक्टर बताकर सिल्ट उठान की अनुमति हासिल कर ली गई। मामला उजागर होने के बाद भी जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर कार्रवाई की जिम्मेदारी डालकर बचने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से खुलेआम सिल्ट की ढुलाई जारी है।
जानकारी के अनुसार भोगनीपुर प्रखंड निचली रामगंगा नहर इटावा के अंतर्गत अयाना रजवाहा के किलोमीटर संख्या शून्य से 7.420 तक निकाली गई सिल्ट की ई-लॉटरी के माध्यम से नीलामी की गई थी। सिल्ट उठान का अनुबंध 15 नवंबर 2025 को विनोद कांट्रैक्टर के साथ किया गया था।
ठेकेदार द्वारा सिल्ट उठान के लिए तीन बुलडोजर और 26 ट्रैक्टरों की सूची समिति को सौंपी गई थी। आरोप है कि सूची में करीब पांच बाइकों के पंजीकरण नंबर ट्रैक्टर के रूप में दर्शाकर अनुमति प्राप्त कर ली गई। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों ने दस्तावेजों की गहन जांच नहीं की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा प्रयोग किए जा रहे कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर नंबर प्लेट तक नहीं लगी है। इतना ही नहीं, जिन ट्रैक्टरों का पंजीकरण कृषि कार्य के लिए कराया गया है, उनका उपयोग व्यावसायिक रूप से सिल्ट ढुलाई और बिक्री में किया जा रहा है। इसके बाद भी संबंधित विभाग कार्रवाई करने से बचते नजर आ रहे हैं।
नानक चंद्र शर्मा ने बताया कि परिवहन विभाग को जांच के लिए सिंचाई विभाग की ओर से कोई फाइल उपलब्ध नहीं कराई गई थी। उन्होंने कहा कि सिल्ट उठान के लिए स्वीकृत वाहनों की जांच सिंचाई विभाग द्वारा ही की गई होगी।
वहीं सिंचाई विभाग के जेई अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि अनुबंध के बाद संबंधित विभागों एवं पुलिस को सूचना भेज दी गई थी। उन्होंने सिल्ट ढुलाई में मानकों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जिम्मेदारी परिवहन एवं खनिज विभाग की बताई।
मामले में विभागीय लापरवाही और नियमों की अनदेखी को लेकर स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
