79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलों को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए 'खेलो इंडिया नीति' के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई यह नीति देश में खेल पारिस्थितिकी तंत्र के सर्वांगीण विकास का माध्यम है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि खेलो इंडिया नीति के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर बहु-खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिनमें शामिल हैं:
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खेलो इंडिया युवा खेल
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खेलो इंडिया विश्वविद्यालय खेल
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खेलो इंडिया शीतकालीन खेल
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खेलो इंडिया पैरा खेल
उन्होंने यह भी कहा कि आज की पीढ़ी के अभिभावकों का अपने बच्चों को खेलों के लिए प्रोत्साहित करना एक सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन है। प्रधानमंत्री ने इसे देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत माना।
भारत की ओलंपिक आकांक्षा
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि भारत 2036 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक की मेज़बानी करने की आकांक्षा रखता है, जो भारत को खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
उन्होंने 2014 में शुरू की गई टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना ने कई युवा और अनुभवी खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं और उपकरण उपलब्ध कराकर ओलंपिक पदक जीतने में मदद की है।
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2020 टोक्यो ओलंपिक में भारत ने अब तक का सर्वोच्च पदक प्रदर्शन किया — 1 स्वर्ण, 2 रजत, और 4 कांस्य पदक।
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2024 पेरिस ओलंपिक में भारत को 5 कांस्य और 1 रजत सहित कुल 6 पदक मिले।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की सक्रिय नीतियों और समाज के सहयोग से भारत निकट भविष्य में वैश्विक खेल मंच पर प्रमुख स्थान हासिल करने की दिशा में अग्रसर है।
