राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज सुबह सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर नई दिल्ली स्थित पटेल चौक पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने देशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने सरदार पटेल को एक महान देशभक्त, दूरदर्शी नेता और राष्ट्र निर्माता बताया, जिन्होंने अपने अटूट संकल्प, अदम्य साहस और कुशल नेतृत्व के माध्यम से देश के एकीकरण का ऐतिहासिक कार्य पूरा किया।
सोशल मीडिया पर साझा संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि सरदार पटेल का समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना सभी भारतीयों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर मजबूत, सामंजस्यपूर्ण और समृद्ध भारत के निर्माण के संकल्प को दोहराएँ।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने भी सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
अमित शाह ने अपने संदेश में कहा कि सरदार पटेल ने रियासतों का एकीकरण कर भारत की एकता और सुरक्षा को सुदृढ़ किया। उन्होंने सहकारिता के माध्यम से किसानों, पिछड़ों और वंचितों को जोड़कर देश को आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की दिशा में अग्रसर किया।
शाह ने यह भी कहा कि सरदार पटेल का दृढ़ विश्वास था कि किसानों की समृद्धि ही राष्ट्र के विकास की कुंजी है, और उन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों के कल्याण एवं अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित किया।
उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि सरदार पटेल द्वारा स्थापित न्याय और एकता के सिद्धांतों से बंधे राष्ट्र की रक्षा करना हर भारतीय का कर्तव्य है।
हर वर्ष 31 अक्टूबर को देश सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाता है। उन्हें भारत का “लौह पुरुष” कहा जाता है और वे देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री रहे, जिन्होंने स्वतंत्र भारत की एकता और अखंडता की नींव रखी।
