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असम की आत्मा सरमा के नेतृत्व में सुरक्षित, कांग्रेस पर विश्वासघात का कलंक : भाजपा

Date : 09-Dec-2025

 गुवाहाटी, 09 दिसम्बर । मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में असम सरकार राज्य की पहचान, भूमि और विरासत की सुरक्षा को लेकर अडिग प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। 10 दिसंबर को मनाए जाने वाले शहीद दिवस के मौके पर असम आंदोलन के अमर शहीदों को स्मरण करते हुए भाजपा ने इस संकल्प को दोहराया।

प्रदेश मुख्यालय अटल बिहारी वाजपेयी भवन में मंगलवार काे संवाददाता सम्मेलन में भाजपा प्रवक्ता किशोर भट्टाचार्य ने कहा कि असम आंदोलन राज्य के राजनीतिक इतिहास के अत्यंत जटिल और उथल–पुथल भरे दौर में उठा एक महान जनांदोलन था। असम की जनता, भारत माता के सपूतों और गौरवमयी असमिया मातृभूमि की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए चले इस संघर्ष में शहीदों का बलिदान, साहस और राष्ट्रभक्ति आने वाली पीढ़ियों के लिए एक शाश्वत आदर्श रहेगा।

उन्होंने कहा कि लगभग 116 बीघा भूमि पर 100 करोड़ की लागत से निर्मित शहीद स्मारक परियोजना-जिसका उद्घाटन गुवाहाटी के बोरागांव में मुख्यमंत्री द्वारा किया जाने वाला है-राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का नवीनतम उदाहरण है। असम आंदोलन के पहले शहीद खर्गेश्वर तालुकदार के बलिदान के लगभग 45 वर्ष बाद 860 शहीदों को समर्पित यह स्मारक असम के स्वाभिमान, त्याग और वीरता को सदैव अमर बनाए रखेगा। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्र और समुदाय के प्रति प्रेम की प्रेरणा का स्रोत बनेगा साथ ही कांग्रेस सरकार द्वारा उस समय युवाओं पर किए गए निर्मम अत्याचारों की याद भी दिलाता रहेगा।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि असम आंदोलन के दौरान न केवल 860 युवाओं ने अपने प्राणों की आहुति दी, बल्कि हजारों युवा, महिलाएं और आम नागरिक राज्य सरकार के अत्याचारों से अपंगता और असहनीय पीड़ा का शिकार बने। लाखों लोगों को शारीरिक और मानसिक यातनाएं सहनी पड़ीं।

उन्होंने कहा कि आज जो कांग्रेस जातीयतावाद पर प्रवचन देती है, उसी कांग्रेस ने जनआंदोलन के दौरान असमिया समाज पर अत्याचार की पराकाष्ठा की थी-यह इतिहास कभी भुलाया नहीं जा सकता।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस समय विदेशी नागरिकों और संदिग्ध व्यक्तियों को राज्य से बाहर करने की व्यापक जनमांग उठ रही थी, उसी समय कांग्रेस ने अपने राजनीतिक हित साधने के लिए गुप्त रूप से संदिग्ध विदेशी नागरिकों को राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बसाने में सक्रिय भूमिका निभाई। हाल ही में भाजपा सरकार द्वारा की गई बेदखली अभियानों में यह सच्चाई उजागर हुई है।

भट्टाचार्य ने कहा कि स्वदेशी असमिया जनता के साथ किए गए इस विश्वासघात के कलंक से कांग्रेस कभी मुक्त नहीं हो सकती।।


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