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आईएनएस चिल्का में 16 सप्ताह का प्रशिक्षण लेकर 2,172​ नौसैनिक युद्ध के लिए हुए तैयार

Date : 09-Jan-2026

​नई दिल्ली, 09 जनवरी।​ आ​ईएनएस चिल्का में​ अनुशासित, दृढ़ और युद्ध के लिए तैयार​ ​2,172​ नौसैनिकों का बैच प्रशिक्षण के बाद देश सेवा के लिए तैयार हो गया है।​ पासिंग आउट परेड में प्रशिक्षुओं ने अपने अभ्यास, अनुशासन और पेशेवर कौशल के उत्कृष्ट मानकों का शानदार प्रदर्शन किया। पुरुष साथियों के साथ महि​ला अग्निवीरों की भागीदारी ने परिचालन भूमिकाओं में समावेशिता और लैंगिक समानता के प्रति भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को एक बार फिर मजबूती से दर्शाया है।

आईएनएस चिल्का में ​गुरुवार को आयोजित ​प्रशिक्षुओं के बैच ​की पासिंग आउट परेड ​​16 सप्ताह के कठोर ​प्रशिक्षण की सफल समाप्ति का प्रतीक है। सूर्यास्त के बाद ​हुई परेड में प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लिया​, जो उनके ​अनुशासित, दृढ़ और ​युद्ध के लिए तैयार नौसैनिक पेशेवर बनने की प्रक्रिया का प्रतीक था। इस पासिंग आउट बैच में ​2,172 प्रशिक्षु शामिल ​हुए। इनमें 2,103 अग्निवीर (113 महिला अग्निवीर सहित), 270 एसएसआर (चिकित्सा सहायक), भारतीय नौसेना के 44 खेल प्रवेश कर्मी और भारतीय तटरक्षक बल के 295 नाविक शामिल थे।

दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ​वाइस एडमिरल समीर सक्सेना परेड के मुख्य अतिथि और निरीक्षण अधिकारी थे। आईएनएस चिल्का के कमान अधिकारी कमोडोर बी दीपक अनील संचालन अधिकारी थे। समारोह में विशिष्ट पूर्व सैनिक, प्रसिद्ध खेल हस्तियां, वरिष्ठ नौसेना अधिकारी, अन्य गणमान्य व्यक्ति और उत्तीर्ण होने वाले प्रशिक्षुओं के परिवार के सदस्य उपस्थित थे। ​वाइस एडमिरल सक्सेना​ ने परेड को संबोधित करते हुए प्रशिक्षण के सफल समापन पर प्रशिक्षुओं को बधाई दी। उन्होंने प्रशिक्षुओं को अपने पेशेवर कौशल को निखारने और तकनीकी रूप से जागरूक होने के साथ-साथ कर्तव्य, सम्मान और साहस जैसे नौसेना के मूल मूल्यों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने प्रशिक्षुओं को साहस और दृढ़ संकल्प के साथ अपने रास्ते को चुनते हुए देश की शान बनाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने अग्निवीरों के अभिभावकों के राष्ट्र के प्रति योगदान की सराहना की। मुख्य अतिथि ने नौसेना और राष्ट्र के परिवर्तन को आकार देने में टीम चिल्का के अथक प्रयासों और महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।​ मुख्य अतिथि ने ​मेधावी अग्निवीरों को पदक और ट्राफियां प्रदान कीं। शशि बी. केंचावगोल और जतिन मिश्रा को क्रमशः सर्वश्रेष्ठ अग्निवीर (एसएसआर) और सर्वश्रेष्ठ अग्निवीर (एमआर) के लिए नौसेना प्रमुख रोलिंग ट्रॉफी और स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। अनीता यादव को समग्र योग्यता क्रम में सर्वश्रेष्ठ महिला अग्निवीर के लिए जनरल बिपिन रावत रोलिंग ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। केशव सूर्यवंशी और सोनेंद्र को क्रमशः सर्वश्रेष्ठ नाविक (जीडी) और सर्वश्रेष्ठ नाविक (डीबी) चुना गया।

समापन समारोह के पहले खारवेला डिवीजन को समग्र चैम्पियनशिप ट्रॉफी प्रदान की गई, जबकि अशोक डिवीजन को ​उप विजेता के तौर पर चुना गया। इस अवसर पर आईएनएस चिल्का की द्विभाषी प्रशिक्षु पत्रिका 'अंकुर 2025' के दूसरे संस्करण का भी विमोचन हुआ। इस पत्रिका में अग्निवीरों के अनुभवों और उनके प्रेरणादायक बदलाव के सफर को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है।


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