कोलकाता, 09 जनवरी। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने कहा है कि ईमेल के जरिए मिली जान से मारने की धमकी उनके “बंगाल के आम लोगों” के लिए काम करने के संकल्प को कमजोर नहीं कर सकती। गुरुवार को राज्यपाल ने दावा किया कि यह धमकी “बंगाल के आम लोगों के लिए मेरी लड़ाई को रोकने की कोशिश” है और इससे पहले भी उन्हें ऐसे खतरे मिल चुके हैं।
राज्यपाल बोस ने कहा कि वह सुरक्षा गार्ड के बिना भी कोलकाता की सड़कों पर उतरेंगे और “बंगाल के लोग उनकी रक्षा करेंगे”। उन्होंने कहा कि ऐसी धमकियां मुझे बंगाल के लोगों के लिए काम करने से नहीं रोक सकतीं। बंगाल मेरा घर है, मैं बंगाल का बेटा हूं। मैं इस धरती के लिए अपनी जान देने से नहीं डरता।
राज्यपाल ने पिछले वर्ष मुर्शिदाबाद दौरे का हवाला देते हुए बताया कि उस समय किसी ने उन्हें एक “जिंदा देशी बम” थमा दिया था, जिसे उनके एडीसी ने तुरंत लेकर पानी से भरे टब में रख दिया था। उन्होंने इसे “बाल-बाल बचने” की घटना बताया। राज्यपाल, जो इस महीने की शुरुआत में 75 वर्ष के हुए, ने संकेत दिया कि ताजा धमकी उनके द्वारा राज्य के लोगों की समस्याओं पर खुलकर बोलने से जुड़ी हो सकती है।
अधिकारियों के अनुसार, राज्यपाल बोस को गुरुवार रात ईमेल के माध्यम से धमकी मिली थी, जिसमें उन्हें “ब्लास्ट” करने की बात कही गई थी। ईमेल में आरोपित ने अपना मोबाइल नंबर भी लिखा था। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपित को कोलकाता के पास साल्ट लेक इलाके से गिरफ्तार कर लिया है।
लोक भवन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद राज्यपाल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। राज्यपाल बोस को पहले से ही ‘जेड-प्लस’ सुरक्षा प्राप्त है और अब उनके संरक्षण के लिए लगभग 60 से 70 केंद्रीय पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
