कोलकाता, 18 फरवरी। दिलीप घोष ने बुधवार को दक्षिण 24 परगना जिले के राजराजेश्वरपुर गांव से संगठनात्मक सक्रियता का स्पष्ट राजनीतिक संदेश दिया। बूथ सशक्तिकरण एवं जन संपर्क अभियान में सीधे भाग लेते हुए उन्होंने घर-घर संपर्क कर कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों से संवाद किया। इसे आगामी चुनावी रणनीति के तहत भाजपा की जमीनी पकड़ मजबूत करने की कवायद मानी जा रही है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में घोष इन दिनों अत्यंत सक्रिय भूमिका में नजर आ रहे हैं। वे लगातार विभिन्न जिलों का दौरा कर बूथ स्तर पर संगठन की मजबूती पर जोर दे रहे हैं। राजराजेश्वरपुर में भी उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीतिक परिवर्तन की नींव बूथ स्तर पर ही रखी जाती है और प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने-अपने क्षेत्र में संगठन का विस्तार करना होगा।
अभियान के दौरान घोष ने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को राज्य के विकास के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही भाजपा का उद्देश्य है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि घोष की लगातार जिलावार सक्रियता भाजपा की दीर्घकालिक चुनावी रणनीति का हिस्सा है। बूथ सशक्तिकरण अभियान के माध्यम से वे न केवल संगठन को धार दे रहे हैं, बल्कि राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भाजपा को एक सशक्त विकल्प के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश भी कर रहे हैं।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, घोष की सीधी भागीदारी से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह संचारित हुआ है।
