गांधीनगर, 18 फरवरी । गुजरात के वित्त मंत्री कनु देसाई ने विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4,08,053 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। प्रदेश सरकार ने इस बजट को सामाजिक सुरक्षा, मानव संसाधन विकास, आधारभूत संरचना, आर्थिक गतिविधियों के विस्तार और हरित विकास जैसे पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित बताया है।
सरकार के अनुसार यह बजट सर्वांगीण और सर्वसमावेशी विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें आवास योजना, आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण, औद्योगिक विकास तथा नागरिक सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है।
सार्वजनिक परिवहन और पर्यावरण पर फोकस
बजट में राज्य में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने के लिए 2463 नई बसें शुरू करने की घोषणा की गई है। आदिवासी क्षेत्रों, विद्यार्थियों और औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों के लिए 500 मिनी बसें भी शुरू की जाएंगी। इसके लिए बजट में 1286 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कच्छ और अन्य वन क्षेत्रों में आक्रामक प्रजाति के पेड़ों को हटाकर बांस सहित स्थानीय प्रजातियों के वृक्ष लगाए जाएंगे तथा बन्नी घासभूमि के पुनर्स्थापन के लिए 97 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अरावली पर्वतमाला के आसपास हरित पट्टी विकसित करने और प्रमुख नदियों के किनारों पर वृक्षारोपण के लिए 32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सुधार
कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य की आपातकालीन सेवाओं को डायल-112 जनरक्षक परियोजना से जोड़ा गया है, जिससे आपातकालीन प्रतिक्रिया समय में कमी आएगी। इसके प्रभावी संचालन के लिए तीन हजार मानवबल तैयार किया जाएगा। पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए पुलिस डाटा समेकन केंद्र तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए 60 करोड़ रुपये का प्रावधान है। पुलिस कर्मियों के लिए अगले पांच वर्षों में 20,444 आवासों का निर्माण किया जाएगा।
नागरिकों को एक ही मंच पर विभिन्न शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एकीकृत डिजिटल व्यवस्था लागू की जाएगी, जिसके लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
जल, स्वच्छता और ग्रामीण विकास
हर घर तक स्वच्छ और नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए “जीवन धारा” मिशन लागू किया जाएगा। 32 शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत ग्रामीण सड़कों, संपर्क मार्गों तथा पुल निर्माण के लिए 5600 करोड़ आवंटित किए गए हैं। राज्य को कचरा मुक्त बनाने की दिशा में कार्य जारी रखते हुए डंप स्थलों पर जमा लाखों टन कचरे का वैज्ञानिक निपटान किया जा रहा है।
पर्यटन और धार्मिक स्थलों का विकास
वर्ष 2026 को “गुजरात पर्यटन वर्ष” घोषित किया गया है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी क्षेत्र के विकास के लिए 236 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
सोमनाथ को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है तथा “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” पूरे वर्ष मनाया जाएगा। अंबाजी कॉरिडोर मास्टर प्लान के लिए 300 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
सोमनाथ में बहु-माध्यम परिवहन केंद्र और आधुनिक बस स्टेशन बनाए जाएंगे। गिरनार महाशिवरात्रि मेला, मां नर्मदा परिक्रमा तथा अन्य तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
उद्योग, निवेश और रोजगार
राज्य में पांच नई औद्योगिक बसाहटें स्थापित की जाएंगी। 25 औद्योगिक क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए 1775 करोड़ तथा वस्त्र उद्योग के लिए 2755 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
धोलेरा और साणंद में विकसित हो रहे अर्धचालक उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आधारभूत परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए राज्य निर्यात प्रोत्साहन परिषद स्थापित की जाएगी।
महिला, शिक्षा और सामाजिक कल्याण
महिला सशक्तिकरण के लिए ‘लखपति दीदी’ अभियान के लिए 47 करोड़ तथा स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन देने के लिए 45 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
पूरक पोषण योजना के लिए 972 करोड़, नमो लक्ष्मी योजना के लिए 1250 करोड़ तथा गंगा स्वरूपा आर्थिक सहायता योजना के लिए 2848 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
नए 926 पीएम श्री विद्यालय शुरू किए जाएंगे और आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 360 करोड़ आवंटित किए गए हैं। विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति मद में 5967 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
कृषि, पशुपालन और सिंचाई
किसान क्रेडिट कार्ड के तहत ब्याज सहायता के लिए 1539 करोड़ तथा कृषि यंत्रीकरण के लिए 1565 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सुजलाम सुफलाम पाइपलाइन योजना सहित सिंचाई परियोजनाओं के लिए कुल 3043 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मत्स्य पालन, पशुपालन और गौ संरक्षण के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।
शहरी विकास और आपदा प्रबंधन
मुख्यमंत्री शहरी विकास योजना के लिए 16,116 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शहरों में स्मार्ट पार्किंग और वायर-फ्री सिटी मिशन लागू किया जाएगा।
भूकंप, बाढ़ और चक्रवात जैसी आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए राज्य आपदा शमन कोष बनाया जाएगा, जिसके लिए 1855 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
अहमदाबाद बनेगा ‘ओलंपिक रेडी सिटी’
वर्ष 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों को ध्यान में रखते हुए अहमदाबाद को ‘ओलंपिक रेडी सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल परिसर, स्टेडियम तथा परिवहन सुविधाओं के विकास के लिए 1278 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
आय और व्यय का विवरण
राज्य की आय में वस्तु एवं सेवा कर तथा अन्य करों का हिस्सा 43.22 प्रतिशत, सार्वजनिक ऋण 30.47 प्रतिशत, केंद्रीय करों में हिस्सा 13.47 प्रतिशत और केंद्रीय अनुदान 11.97 प्रतिशत है। व्यय में 65.57 प्रतिशत राशि विकास कार्यों पर, 23.45 प्रतिशत प्रशासनिक खर्च पर और 9.16 प्रतिशत ऋण भुगतान पर खर्च की जाएगी।
सरकार का दावा है कि यह बजट गरीब, युवा, किसान और महिलाओं को सशक्त बनाते हुए गुजरात को विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
