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बलरामपुर : महिला समूह ने मत्स्य पालन से लिखी सफलता की कहानी

Date : 17-Mar-2026

 बलरामपुर, 17 मार्च। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयास अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम देने लगे हैं। विकासखंड रामचन्द्रपुर के ग्राम पंचायत चिनिया की गायत्री महिला स्व-सहायता समूह ने सामूहिक मेहनत और नवाचार के बल पर मत्स्य पालन को आय का मजबूत जरिया बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।

समूह की अध्यक्ष शिवकुंवर के नेतृत्व में महिलाओं ने सीमित संसाधनों के बावजूद संगठित होकर काम किया और आज बेहतर आय अर्जित कर रही हैं। समूह का गठन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत किया गया, जिसके माध्यम से महिलाओं को नियमित बचत, आंतरिक ऋण व्यवस्था और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया की जानकारी दी गई। पारदर्शी वित्तीय प्रबंधन और समय पर ऋण अदायगी से समूह ने बैंक का विश्वास भी हासिल किया।

भारतीय स्टेट बैंक, रामानुजगंज शाखा से रि-लिंकेज के तहत 6 लाख रुपये का ऋण प्राप्त होने के बाद समूह ने अपनी आजीविका गतिविधियों को विस्तार दिया। प्राप्त राशि से ग्राम के समीप स्थित पीयाह नाला के तालाब को पंचायत के माध्यम से लीज पर लेकर वैज्ञानिक पद्धति से मत्स्य पालन शुरू किया गया। चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 10 हजार रुपये की लागत से रेहू, कतला और मृगल प्रजाति के मछली बीज डाले गए।

नियमित देखभाल, संतुलित चारा और तकनीकी मार्गदर्शन के चलते मछलियों का औसत वजन अब लगभग एक किलोग्राम तक पहुंच चुका है। समूह को उम्मीद है कि आगामी समय में मछलियों की बिक्री से करीब 1.20 लाख रुपये का उत्पादन प्राप्त होगा, जिसमें से सभी खर्चों के बाद लगभग 90 हजार रुपये का शुद्ध लाभ मिलने का अनुमान है।

यह पहल न केवल समूह की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी, बल्कि महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में भी आगे बढ़ा रही है। जिले में शासन-प्रशासन द्वारा महिलाओं को कृषि, मत्स्य पालन, पशुपालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

कलेक्टर राजेंद्र कटारा के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में गायत्री महिला स्व-सहायता समूह की यह सफलता अन्य समूहों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी है।


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