चार जिलों की सात सीटों पर उम्मीदवार बदले, 20 वर्ष बाद सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही कांग्रेस | The Voice TV

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"छोटा सा बदलाव ही जिंदगी की एक बड़ी कामयाबी का हिस्सा होता है"।

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चार जिलों की सात सीटों पर उम्मीदवार बदले, 20 वर्ष बाद सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही कांग्रेस

Date : 08-Apr-2026

कोलकाता, 08 अप्रैल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए राष्ट्रीय कांग्रेस ने चुनाव घोषणा पत्र जारी होने के 24 घंटे के भीतर ही दक्षिण बंगाल के चार जिलों की सात विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार बदल दिए हैं। वहीं 20 वर्ष बाद प्रदेश कांग्रेस इस बार राज्य की सभी 294 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार रही है।

मंगलवार को कोलकाता के एक होटल में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पार्टी का चुनाव घोषणा पत्र जारी किया गया था। इसके बाद बुधवार को पार्टी के संगठन महासचिव केसी. वेणुगोपाल ने बयान जारी कर उम्मीदवारों में बदलाव की विस्तृत जानकारी दी। कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए सभी सीटों पर उम्मीदवारों के नाम भी घोषित कर दिए हैं।

पार्टी ने नदीया, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और बर्धमान जिलों की सीटों पर बदलाव किया है। इसके तहत नदीया जिले की नाकाशीपाड़ा सीट से गोलाम किबरिया मंडल के स्थान पर ताहिर शेख को उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि चापड़ा सीट से रहिदुल मंडल की जगह आसिफ खान को टिकट दिया गया है। उत्तर 24 परगना की हाबड़ा सीट पर पहले किसी उम्मीदवार की घोषणा नहीं हुई थी, लेकिन अब वहां से प्रणब भट्टाचार्य को प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं मिनाखा सीट पर वर्णाली नस्कर की जगह सुनयना विश्वास को उम्मीदवार बनाया गया है।

दक्षिण 24 परगना जिले की मंदिरबाजार सीट पर पहले कौशिक बैद्य उम्मीदवार थे, लेकिन अब उनकी जगह चांद सरदार को टिकट दिया गया है। बर्धमान जिले की रायना सीट से अनिक साहा के स्थान पर पम्पा मलिक, केतुग्राम सीट से मफिरुल काशेम की जगह शेख अबु बक्कर और आउसग्राम सीट से निशा बड़ाल के स्थान पर तापस बड़ाल को उम्मीदवार बनाया गया है।

इन सभी सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होना है और नामांकन प्रक्रिया जारी है। ऐसे समय में उम्मीदवार बदलने के फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने उम्मीदवारों की घोषणा में पहले ही काफी देर कर दी थी। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस के एक वर्ग का मानना है कि अन्य राजनीतिक दलों की तुलना में उम्मीदवारों की सूची और पहले जारी की जानी चाहिए थी।


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