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दमोहः कलेक्टर ने किया जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण, अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी

Date : 15-Apr-2026

 दमोह, 15 अप्रैल। मध्य प्रदेश के दमोह जिला मुख्यालय स्थित जिला चिकित्सालय दमोह का बुधवार की सुबह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने औचक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों से संवाद किया और मरीजों से सीधे चर्चा कर समस्याओं की जानकारी ली।

करीब एक घंटे से अधिक समय तक चले इस निरीक्षण में कलेक्टर ने कई व्यवस्थाओं को असंतोषजनक बताते हुए त्वरित सुधार के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में कलेक्टर यादव ने कहा कि अस्पताल का विस्तृत राउंड लेकर कमियों और सुधार की संभावनाओं का आकलन किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को समय पर, गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलना चाहिए और अनावश्यक प्रतीक्षा की स्थिति समाप्त की जाएगी।

सफाई व्यवस्था पर सख्तीकलेक्टर ने अस्पताल की सफाई व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टाफ की ड्यूटी वार्डवार निर्धारित की जाए, ताकि जवाबदेही तय हो सके। सुधार नहीं होने की स्थिति में एजेंसी बदलने के निर्देश भी दिए गए। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश अठया एवं सिविल सर्जन सह अधीक्षक डॉ प्रहलाद पटेल को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

मरीजों की परेशानी पर तत्काल कार्रवाईनिरीक्षण में यह सामने आया कि कई गर्भवती महिलाएं एवं अन्य मरीज टोकन और जांच में देरी के कारण परेशान हो रहे हैं। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच आने वाले सभी मरीजों का उपचार सुनिश्चित किया जाए और किसी को भी बिना इलाज लौटना न पड़े।

पेयजल व आधारभूत सुविधाओं में सुधार के निर्देशअस्पताल में पेयजल की समस्या को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने वैकल्पिक स्रोतों से पानी की व्यवस्था एक सप्ताह में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही खराब एसी, पंखों की स्थिति और बैठने की व्यवस्था में सुधार के निर्देश भी दिए गए।

उपस्थिति निगरानी के लिए ‘सार्थक ऐप’ लागू होगाकलेक्टर ने डॉक्टरों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए “सार्थक ऐप” को पुनः चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देरी से आने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

दवा वितरण में तेजी लाने के निर्देशदवा वितरण में हो रही देरी पर कलेक्टर ने काउंटरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को अधिकतम 10 मिनट के भीतर दवाएं उपलब्ध हो सकें।

व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं, सुधार आवश्यककलेक्टर ने कहा कि वर्तमान व्यवस्थाएं सामान्य हैं, लेकिन संतोषजनक नहीं कही जा सकतीं। सभी अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य कर अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। पोस्टमार्टम प्रक्रिया और ऑनलाइन सिस्टम की धीमी गति को लेकर भी कलेक्टर ने कहा कि आवश्यक होने पर भोपाल स्तर से सहयोग लेकर व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश अठया, सिविल सर्जन सह अधीक्षक डॉ प्रहलाद पटेल सहित जिला चिकित्सालय के चिकित्सक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


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