फतेहाबाद, 04 मई। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन और एआईआरटीडब्ल्यूएफ के आह्वान पर रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को फतेहाबाद रोडवेज वर्कशॉप के गेट पर कर्मचारियों ने सुबह 10 से 12 बजे तक जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और बाद में महाप्रबंधक को एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व डिपो प्रधान राजकुमार बीघड़, सचिव सुबेसिंह धनाना, सह सचिव विरेन्द्र कुलेरी, जोगिंद्र रेढू, इन्द्रपाल सहारण, सुनील लांधड़ी, सुरेश फौजी, जोगिन्द्र सोनी, राकेश सुथार और अन्य कर्मचारियों ने किया।
यूनियन के नेताओं ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि दमकल कर्मचारियों की हड़ताल को आज 26 दिन हो चुके हैं लेकिन सरकार इनकी मांगों पर कोई संज्ञान नहीं ले रही है। प्रदेश प्रवक्ता पृथ्वी सिंह चाहर ने कहा कि फरीदाबाद केमिकल फैक्ट्री अग्निकांड में शहीद हुए दो फायर कर्मियों के साथ सरकार भेदभाव कर रही है। उसी हादसे में शहीद हुए पुलिसकर्मी को शहीद का दर्जा, नौकरी और आर्थिक सहायता दी गई, लेकिन फायर कर्मियों को अब तक कुछ नहीं मिला। इसी अन्याय के खिलाफ फायर कर्मी भूख हड़ताल पर हैं। रोडवेज चालकों की ड्यूटी जबरन अग्निशमन विभाग में लगाई जा रही है, जो पूरी तरह गलत है।
उन्होंने तर्क दिया कि रोडवेज चालकों को भारी वाहन चलाने का अनुभव तो है, लेकिन उनके पास अग्निशमन के विशेष वाहनों को चलाने का तकनीकी प्रशिक्षण नहीं है। हाल ही में सोनीपत डिपो के एक चालक का उदाहरण देते हुए बताया गया कि ड्यूटी के दौरान वाहन से गिरने के कारण उसके पैर में गंभीर फ्रैक्चर हो गया। यूनियन ने मांग की है कि घायल चालक के इलाज का पूरा खर्च और मुआवजा अग्निशमन विभाग वहन करे और रोडवेज चालकों को तुरंत उनके मूल विभाग में वापस भेजा जाए। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि हरियाणा रोडवेज में पहले से ही चालकों की भारी कमी है। इसके बावजूद चालकों को दूसरे विभागों में भेजा जा रहा है, जिससे बसें डिपो में खड़ी रहती हैं।
