शिमला, 04 मई । मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से सोमवार को शिमला में हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स जॉइंट फ्रंट के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने अपनी विभिन्न मांगों को मुख्यमंत्री के सामने रखा और एक मांग पत्र भी सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व फ्रंट के अध्यक्ष आत्मा राम ने किया।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय चुनौतियों के बावजूद कर्मचारियों और पेंशनरों के हित में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में सरकार ने कई कल्याणकारी फैसले लिए हैं, जबकि इस दौरान राज्य को वित्तीय कठिनाइयों और आरडीजी बंद होने जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में ही 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने का फैसला लिया था। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने ओपीएस लागू करने के लिए 1600 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता रोक दी है।
उन्होंने यह भी बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को संशोधित वेतनमान से जुड़ी सभी बकाया राशि का भुगतान किया जा चुका है। इसके अलावा, 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण के लंबित मामलों का भी निपटारा कर दिया गया है।
