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मप्र के भोपाल में बंगाल का एमबीबीएस डॉक्टर नकली नोटों के साथ गिरफ्तार

Date : 07-May-2026

 भोपाल, 07 मई  । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की कोहेफिजा पुलिस ने नकली नोटों की तस्करी के मामले में पश्चिम बंगाल के निवासी एक एमबीबीएस डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपित के पास से 500 रुपये के 280 नकली नोट बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत 1.40 लाख रुपये है। पुलिस को संदेह है कि आरोपित किसी विशेष विचारधारा या संगठन से जुड़ा हो सकता है, जिसके चलते अदालत ने उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

टीआई केजी शुक्ला ने मामले का खुलासा करते हुए गुरुवार को बताया कि यह कार्रवाई बुधवार दोपहर सैफिया कॉलेज ग्राउंड के पास की गई। मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक युवक जाली नोट खपाने के लिए ग्राहक की तलाश कर रहा है। घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपित की पहचान 27 वर्षीय सैफूल इस्लाम के रूप में हुई है, जो फिलहाल भोपाल की गुलमोहर कॉलोनी अरेरा में किराए से रह रहा था। यहीं उसने शादी भी कर ली है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि आरोपित के पास मिले नोटों का कागज पाकिस्तान और नेपाल का है, जो इस मामले के अंतरराष्ट्रीय तारों की ओर इशारा करता है।

60 हजार के नकली नोट बाजार में खपा चुका

पूछताछ के दौरान आरोपित सैफूल इस्लाम ने खुलासा किया कि वह पिछले 10 दिनों में लगभग 60 हजार रुपये के नकली नोट बाजार में खपा चुका है। वह पश्चिम बंगाल से अपने एक साथी के जरिए दो लाख रुपये की नकली करेंसी मात्र 60 हजार रुपये में लेकर आया था। भोपाल में वह 300 रुपये के असली नोटों के बदले 500 का एक जाली नोट देने का काम कर रहा था। आरोपित ने स्वयं को एमबीबीएस डॉक्टर बताया है और प्राथमिक तौर पर उसका कहना है कि बिना मेहनत के जल्द अमीर बनने की चाह में वह इस अवैध धंधे में शामिल हुआ।

आरोपित के पास से एक आईफोन और पेनड्राइव मिली

मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब पुलिस को आरोपित के पास से एक आईफोन और पेनड्राइव मिली। आरोपी अपने फोन में लंदन की 'प्लस 44' सीरीज के विशेष नंबर का उपयोग कर रहा था और विदेशी नंबरों के माध्यम से ही संपर्क में था। इसके अलावा, उसने स्वीकार किया कि वह साइबर ठगों को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम भी करता है। पुलिस अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि आरोपित का नेटवर्क किन-किन राज्यों और देशों तक फैला हुआ है और उसका वास्तविक उद्देश्य क्या था?


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