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प्राथमिक स्वास्थ्य टीमों के लिए एकीकृत प्रशिक्षण मॉडल का शुभारंभ

Date : 08-May-2026

 नई दिल्ली, 08 मई । केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल टीमों के लिए एकीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। यह पहल हाल ही में संपन्न 10वें राष्ट्रीय सम्मेलन “इनोवेशन एंड इन्क्लूसिविटी: बेस्ट प्रैक्टिसेज शेपिंग इंडियाज हेल्थ फ्यूचर” के दौरान शुरू की गई।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस कार्यक्रम का उद्देश्य बिखरे हुए प्रशिक्षण मॉडलों को एकीकृत कर एक सुसंगठित, दक्षता-आधारित ढांचे में बदलना है, जिससे देश की अग्रिम पंक्ति की स्वास्थ्य कार्यबल को आत्मविश्वासी, संवेदनशील और गुणवत्तापूर्ण सेवा प्रदाता बनाया जा सके। यह पहल अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करेगी और प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के विजन को आगे बढ़ाएगी।

नड्डा ने कहा कि यह केवल प्रशिक्षण सुधार नहीं है, बल्कि भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य भविष्य में एक रणनीतिक निवेश है। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि उच्च स्तरीय संस्थानों पर बोझ कम होगा और जनता का स्वास्थ्य प्रणाली पर विश्वास भी मजबूत होगा।

मंत्रालय के अनुसार देश में आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत स्थापित आयुष्मान आरोग्य मंदिर को रोकथाम, संवर्धन और उपचारात्मक देखभाल का केंद्र बनाया गया। जन आरोग्य समितियों, महिला आरोग्य समितियों, ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों और आम शिविरों के माध्यम से गहरी सामुदायिक भागीदारी इस दृष्टिकोण की विशेषता रही है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अवसर पर कहा कि सच्ची प्रगति जनकेंद्रित होती है। चिकित्सा विज्ञान में कितनी भी प्रगति हो, अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सुनिश्चित होनी चाहिए। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए यह प्रशिक्षण मॉडल स्वास्थ्यकर्मियों को रोकथाम, प्रारंभिक पहचान, उपचार और फॉलो-अप तक की संपूर्ण सेवाएं देने में सक्षम बनाएगा।

इस पहल की दो विशेषताएं हैं। पहली, यह सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यबल की क्षमता को संवेदनशील, उत्तरदायी और उच्च गुणवत्ता वाली देखभाल देने के लिए मजबूत करती है। दूसरी, यह उन महिलाओं को सशक्त करती है जो प्राथमिक स्वास्थ्य कार्यबल की रीढ़ हैं। आशा, एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) सहित 70 प्रतिशत से अधिक कार्यबल महिलाएं हैं। प्रधानमंत्री ने हमेशा नारी शक्ति के महत्व पर बल दिया है और यह पहल उसी दृष्टि का मूर्त रूप है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म आईजीओटी कर्मयोगी के माध्यम से सतत् सीखने की सुविधा भी इस प्रशिक्षण का हिस्सा होगी, जिससे कार्यबल और अधिक अनुकूलनशील और भविष्य-तैयार बनेगा।


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