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साइबर अपराध से निपटने को दिल्ली पुलिस होगी हाईटेक, एआई और साइबर फॉरेंसिक की मिलेगी ट्रेनिंग

Date : 27-May-2026

 नई दिल्ली, 27 मई । साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच दिल्ली पुलिस अपने पुलिसकर्मियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में जुट गई है। इसी दिशा में दिल्ली पुलिस और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) हुआ है। इसके तहत दिल्ली पुलिस के अधिकारियों और कर्मियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सिक्योरिटी, साइबर फॉरेंसिक और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

दिल्ली पुलिस अकादमी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक बुधवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा की मौजूदगी में यह एमओयू साइन किया गया। समझौते पर दिल्ली पुलिस की ओर से स्पेशल सीपी (ट्रेनिंग) संजय कुमार और एनआईईएलआईटी की ओर से वाइस चांसलर डॉ. मदन मोहन त्रिपाठी ने हस्ताक्षर किए। इस मौके पर दिल्ली पुलिस अकादमी के जॉइंट डायरेक्टर आसिफ मोहम्मद अली और डिप्टी डायरेक्टर राजबीर सिंह भी मौजूद रहे।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह सिर्फ नई तकनीक से जुड़ी ट्रेनिंग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिल्ली पुलिस को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने की एक रणनीतिक पहल है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करने वाली प्रमुख वैज्ञानिक संस्था एनआईईएलआईटी इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और डिजिटल स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखती है।

समझौते के तहत दिल्ली पुलिस कर्मियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, साइबर फॉरेंसिक, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, एनालिसिस एंड परसेप्शन मैनेजमेंट और अन्य उभरती तकनीकों से जुड़े संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। पुलिस का मानना है कि इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों से अधिकारियों और कर्मचारियों को नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी और वे तकनीक आधारित अपराधों की रोकथाम और जांच में अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकेंगे।

पुलिस के अनुसार अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन और नई तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल के कारण साइबर क्राइम, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, फेक सूचना अभियान, पहचान चोरी और डिजिटल शोषण जैसे अपराध नई चुनौती बनकर सामने आए हैं।

ऐसे में पारंपरिक पुलिसिंग के साथ तकनीकी दक्षता, निरंतर प्रशिक्षण और आधुनिक जांच क्षमताओं को मजबूत करना समय की जरूरत बन गया है। दिल्ली पुलिस का मानना है कि यह पहल आधुनिक पुलिसिंग को और मजबूत करेगी तथा तकनीक आधारित अपराधों से मुकाबले में अहम भूमिका निभाएगी।


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