हुगली, 27 मई। चूंचूड़ा के खादिना मोड़ स्थित एक पुराने पार्टी कार्यालय पर बुधवार को फिर से लाल झंडा लहराया। यह कार्यालय कभी सीटू का दफ्तर हुआ करता था, जिसे 2011 में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस ने अपने कब्जे में ले लिया था। अब करीब 15 साल बाद यह कार्यालय सीटू को वापस सौंप दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, जीटी रोड किनारे स्थित इस कार्यालय का इस्तेमाल लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस के नेता और चूंचूड़ा के पूर्व विधायक असित मजूमदार कर रहे थे। यहां तक कि जिला तृणमूल नेतृत्व की बैठकों से लेकर चुनावी रणनीति तक इसी कार्यालय से संचालित होती थी। एसआईआर चरण के दौरान इसे तृणमूल का “वॉर रूम” भी माना जाता था।
बुधवार को असित मजूमदार ने स्वयं कार्यालय की चाबी सीटू नेताओं को सौंप दी। इससे पहले बंडेल के लीचूबागान इलाके में कब्जे में लिया गया एक अन्य कार्यालय भी तृणमूल की ओर से वापस किया जा चुका है। असित मजूमदार ने कहा कि “जिसका कार्यालय है, उसे लौटा दिया गया।
इस मौके पर सीटू नेता गुरुदास बनर्जी ने कहा कि तृणमूल ने कभी “बदला नहीं, बदलाव चाहिए” का नारा दिया था, लेकिन बाद में उनके कार्यालयों पर कब्जा कर लिया गया। उन्होंने कहा कि उस समय वे इसका विरोध नहीं कर पाए, लेकिन अब बदली राजनीतिक परिस्थितियों में असित मजूमदार ने कार्यालय लौटाना उचित समझा।
हालांकि, इस बार चुनाव में टिकट नहीं पाने वाले असित मजूमदार ने कहा कि वह अलग सोच के व्यक्ति हैं और सभी राजनीतिक दलों को काम करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि वह आगे भी ममता बनर्जी के नेतृत्व में राजनीति करते रहेंगे और अब उनकी तैयारी नगर निकाय चुनावों को लेकर है।
वहीं, चूंचूड़ा से भाजपा विधायक सुबीर नाग ने कहा कि लोग इस कार्यालय को विधायक कार्यालय के रूप में जानते थे, लेकिन भाजपा किसी प्रकार की कब्जे की राजनीति में विश्वास नहीं करती।
