मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच चल रहे संघर्ष और हिंसा के कारण राज्य की स्थिति अत्यंत खराब हैं। इस लंबे संघर्ष ने अन्य समुदायों के जीवन को भी अस्त-व्यस्त कर दिया है। ऐसी ही स्थिति बिष्णुपुर जिले के मुस्लिम बहुल गांव क्वाक्टा की है। इस गांव के वार्ड नंबर 8 में स्थित एक मस्जिद और कई घर बम की चपेट में आकर प्रभावित हुए हैं। यहां के रहने वाले लोग शिविरों में शरण लिए हुए हैं।
जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के निर्देश पर महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन क़ासमी शनिवार की सुबह मणिपुर पहुंचे और वहां दो दिन रहकर परिस्थितियों का निरीक्षण किया। उन्होंने मुस्लिम बहुल क्षेत्र क्वाक्टा और हिंदू मैतेई समुदाय के मोइरांग में स्थित शिविरों का दौरा किया। इसके साथ ही क्वाक्टा में घायलों से मुलाकात की और बम एवं बंदूकों के निशाने पर आए घरों और मस्जिदों का निरीक्षण किया।
राहत पहुंचाने और प्रभावित लोगों की स्थिति जानने के लिए गए जमीअत उलमा-ए-हिंद के महासचिव ने वहां से लौटने के बाद बताया कि जमीअत उलमा मणिपुर की इकाई लगातार जरूरतमंदों की मदद कर रही है।उन्होंने बताया कि क्वाक्टा के वार्ड नंबर 08 में मुसलमानों के 35 घर और एक मस्जिद प्रभावित हुई है और चार मकान बुरी तरह से जल चुके हैं। जमीअत उलमा-ए-हिंद ने ऐसे 12 मुस्लिम लोगों की सूची तैयार की है, जो गोलीबारी या बम से घायल हुए हैं। इनमें एक 16 वर्षीय लड़का अरबाज भी शामिल है, जो गंभीर रूप से घायल है और उसे दिल्ली के एम्स में रेफर किया गया है।
आज यहां नई दिल्ली में जमीअत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी ने प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट देखी और निर्णय लिया कि जरूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही सभी शरणार्थी परिवारों को और एक महीने का राशन वितरित किया जाएगा। गंभीर रूप से घायल दिल्ली में इलाजरत लोगों की आर्थिक सहायता की जाएगी। जो लोग मणिपुर राज्य में हैं, उनके बेहतर उपचार और देखभाल के लिए संबंधित सरकारी विभागों से संपर्क किया जाएगा।
जमीअत उलमा-ए-हिंद के प्रतिनिधिमंडल में जमीअत उलमा-ए-हिंद के महासचिव के अलावा जमीअत उलमा मणिपुर के अध्यक्ष मौलाना सईद अहमद, जमीअत उलमा मणिपुर के उपाध्यक्ष मौलाना मुफ्ती सिराज अहमद क़ासमी, उपाध्यक्ष मौलाना अब्दुल हक, जमीअत उलमा मणिपुर के महासचिव मुफ्ती शफीउल्लाह क़ासमी, अब्दुल हकीम एडीएम, मौलाना अब्दुल हकीम, हाफिज़ बशीर, मौलाना रूह-उल-अमीन, जमीअत उलेमा बिष्णुपुर के अध्यक्ष मौलाना अब्दुस्लाम, जमीअत उलेमा बिष्णुपुर जिले के सचिव मौलाना सफीउद्दीन शामिल थे।
