सरकार ने 13 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय से पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों को सहयोग देने के लिए पीएम-विश्वकर्मा योजना को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद नई दिल्ली में संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत शुरुआत में 18 पारंपरिक उद्योग-धंधों को शामिल किया जाएगा। इनमें बढई, नाव बनाने वाले, सुनार, राजमिस्री, खिलौने बनाने वाले, लौहार और कुम्हार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत इनके हुनर को बढाया जाएगा तथा उपकरण प्रोत्साहन, डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहन और बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। श्री वैष्णव ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत पांच प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर एक लाख रूपये तक का ऋण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से 30 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित होंगे।
