गांधीनगर, 16 अगस्त । भारत की अध्यक्षता में जी-20 के स्वास्थ्य कार्य समूह और स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक गुरुवार से गांधीनगर में शुरू हो रही है। तीन दिवसीय इस बैठक में जी-20 के सदस्य देशों, 10 आमंत्रित देशों और 22 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। गांधीनगर के महात्मा मंदिर परिसर में आयोजित हो रही इस बैठक की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव लव अग्रवाल ने बुधवार को यहां के लीला होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कार्यक्रम के संबंध में बातचीत की। पत्रकार वार्ता में केंद्रीय आयुष सचिव राजेश कोटेचा भी मौजूद रहे। लव अग्रवाल ने बताया कि जी-20 के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक मुख्य रूप से जी-20 हेल्थ ट्रैक की तीन प्रमुख प्राथमिकताओं पर केंद्रित होगी। इसमें एंटी-माइक्रोबियल प्रतिरोध और वन हेल्थ फ्रेमवर्क पर ध्यान देने के साथ स्वास्थ्य संकट की रोकथाम, तैयारी और प्रतिक्रिया शामिल है। इसके अलावा बैठक में सुरक्षित, प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और किफायती चिकित्सा निवारक उपायों अपनाने और सस्ते चिकित्सा निवारक उपायों की उपलब्धता पर ध्यान केंद्रित करते हुए फार्मास्युटिकल क्षेत्र में आपसी सहयोग को मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि गुरुवार को बैठक के पहले दिन जी-20 के प्रतिनिधियों की बैठक होगी। इसके बाद 18-19 अगस्त को जी20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के अलावा, एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य लाभ, स्वास्थ्य देखभाल-भारत 2023; डब्ल्यूएचओ पारंपरिक चिकित्सा पर वैश्विक सम्मेलन; इंडिया मेडटेक एक्सपो-2023 और 'दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में टीबी को समाप्त करने के लिए सतत प्रयास और आविष्कार आदि चार समानांतर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
केंद्रीय आयुष सचिव राजेश कोटेचा ने कहा कि जी-20 पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में भारत के नेतृत्व को प्रदर्शित करने का एक अनूठा अवसर है। पिछले 9 वर्षों में भारत ने पारंपरिक चिकित्सा के क्षेत्र में 8 गुना वृद्धि की है। इस साल के अंत तक, देशभर में 12,500 से अधिक आयुष-आधारित स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र चालू हो जाएंगे, जिनमें से 8,500 केंद्र पहले से ही चालू हैं। केंद्रीय आयुष सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि गुजरात के जामनगर में डब्ल्यूएचओ द्वारा स्थापित ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन किसी भी विकासशील देश में शुरू होने वाला पहला ऐसा केंद्र है।
उन्होंने बताया कि 17 एवं 18 अगस्त को गांधीनगर में आयुष्य मंत्रालय की ओर से आयोजित परंपरागत दवा वैश्विक सम्मेलन का आयोजन डब्ल्यूएचओ की ओर से किया जाएगा। यह गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान करने और वैश्विक स्वास्थ्य एवं दीर्घकालिन विकास में प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए पूरक और संकलित दवाओं की भूमिका का पता लगाएगा। इसके अलावा बैठक के दौरान टीबी के खिलाफ लड़ाई में तेजी लाने और इसके उन्मूलन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जी-20 पहल के तहत 'दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में टीबी को समाप्त करने के लिए निरंतर, त्वरित प्रयास और नवाचार' पर एक मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी।
लव अग्रवाल ने भारत की जी20 अध्यक्षता के तहत पहचानी गई तीन प्रमुख स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सामर्थ्य, पहुंच और उपयोगिता प्रमुख पहलू हैं जिन पर भारत ध्यान केंद्रित कर रहा है। इससे हमें स्वास्थ्य सेवा में वैश्विक मानक हासिल करने में मदद मिलेगी। अग्रवाल ने कहा कि एक केंद्रीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से विनिर्माण, अनुसंधान और विकास पहलुओं के विस्तार पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।
