नई दिल्ली, 16 अगस्त। कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर लगातार बैठक कर रही है। पार्टी आलाकमान ने बुधवार को दिल्ली कांग्रेस नेताओं के साथ पार्टी मुख्यालय में बैठक की।
बैठक में पार्टी नेताओं को 2024 से जुड़ी तैयारियों में जुटने और पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए कहा गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी बैठक में मौजूद रहे।
बैठक के बारे में दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दीपक बावरिया ने बताया कि बैठक में संगठन को मजबूत करने पर चर्चा हुई है। बैठक में किसी तरह के गठबंधन पर विचार नहीं किया गया है। साथ ही प्रभारी ने अपनी ही पार्टी की प्रवक्ता अलका लांबा के हवाले से आ रहे उन समाचारों का खंडन किया, जिसमें सभी सातों सीटों पर लड़ने की बात कही गई थी।
इससे पहले बैठक के बाद कांग्रेस नेता अलका लांबा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी नेतृत्व ने दिल्ली के सातों सीटों पर प्रचार-प्रसार करने को लेकर निर्देशित किया है। लांबा ने कहा कि बैठक के दौरान राहुल गांधी ने कहा है कि उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान पाया है कि देश की जनता कांग्रेस के साथ जुड़ रही है। दिल्ली के लोगों का रुझान भी कांग्रेस की तरफ है। हमें मिलकर लोगों के उम्मीदों पर खरा उतरना होगा।
अलका लांबा के इस बयान को आईएनडीआईए गठबंधन में दरार की तरह देखा जाने लगा। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने लांबा के बयान को लेकर गठबंधन से अलग होने की बात कह डाली। पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में सीट बंटवारे के बिना गठबंधन का औचित्य ही क्या है।
हालांंकि कांग्रेस प्रभारी का बावरिया ने इसे अपरिपक्व व्यवहार बताया है। लांबा के बयान से किनारा करते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया के हवाले से आ रहे बयानों पर आम आदमी पार्टी को टिप्पणी नहीं करनी चाहिए थी।
