दुनिया भर में एंटीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेंस (AMR) तेजी से बढ़ रही है और यह आधुनिक चिकित्सा के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। संक्रमणों का उपचार कठिन हो गया है और विशेष रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया में स्थिति तेजी से बिगड़ रही है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि अभी ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले वर्षों में यह संकट लाखों जिंदगियों को प्रभावित कर सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, एएमआर के चलते हर साल एक मिलियन से अधिक लोगों की मौत होती है। एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोध बढ़ने से आम संक्रमण भी गंभीर हो रहे हैं और स्वास्थ्य प्रणालियों पर भारी दबाव पड़ रहा है।
विश्व एएमआर जागरूकता सप्ताह 2025 का संदेश स्पष्ट है—
“Act Now: Protect Our Present, Secure Our Future”
अर्थात, अभी कार्रवाई करें, वर्तमान की रक्षा करें और भविष्य सुरक्षित रखें।
दक्षिण-पूर्व एशिया में सबसे गंभीर स्थिति
ग्लोबल एएमआर सर्विलांस रिपोर्ट 2025 के अनुसार, निम्न और मध्यम आय वाले देशों में एएमआर का खतरा सबसे अधिक है। वर्ष 2023 में दक्षिण-पूर्व एशिया और पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र में एंटीबायोटिक रेज़िस्टेंस के सबसे अधिक मामले दर्ज हुए।
इस क्षेत्र में चुनौतियाँ हैं:
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दवाओं तक असमान पहुँच
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स्वास्थ्य प्रणालियों की विविधता
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एंटीमाइक्रोबियल उपयोग के अलग-अलग पैटर्न
डब्ल्यूएचओ का कहना है कि इन चुनौतियों के बीच नवाचार, साझेदारी और मजबूत नेतृत्व ही समाधान का मार्ग हैं। उनका संदेश स्पष्ट है—“हम सभी को मिलकर अभी कदम उठाने होंगे, ताकि जीवनरक्षक दवाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रभावी बनी रहें।”
