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जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए जम्मू-कश्मीर सबसे अच्छा स्थान होगा-मुख्य सचिव

Date : 19-Nov-2022

जम्मू (हि.स.)। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने शुक्रवार को कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए जम्मू-कश्मीर सबसे अच्छा स्थान होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि उन्हें मंत्रमुग्ध करने वाले अनुभवों के साथ जानकार बनाएंगे जिसे वे लंबे समय तक स्मरण रखेंगे।

डॉ. मेहता ने यूटी में यहां अपनी बैठकों के संचालन के संबंध में प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोजित विचार-विमर्श के दौरान यह बात की।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि उत्पादन, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह, प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग, प्रधान सचिव आवास एवं शहरी विकास विभाग, संभागीय आयुक्त कश्मीर, आयुक्त सचिव ग्रामीण विकास विभाग, सचिव योजना, सचिव स्वास्थ्य, सचिव जीएडी, सचिव आतिथ्य और प्रोटोकॉल, सचिव परिवहन और कई अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

डॉ. मेहता ने जानकारी दी कि जम्मू-कश्मीर में लुभावनी पर्यावरण है और इस तरह के आयोजनों के लिए जलवायु भी बेहद अनुकूल है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों के दौरान बुनियादी ढांचे को भी काफी हद तक उन्नत किया गया है और जी-20 शिखर सम्मेलन जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के आयोजन हेतु यह उल्लेखनीय है।

उन्होंने आगे खुलासा किया कि यहां की स्थिति में काफी सुधार हुआ है और यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले डेढ़ साल से यूटी में एक भी हड़ताल नहीं देखी गई है। उन्होंने कहा कि यूटी में क्राइम रेट बहुत कम है। जनवरी 2022 से अब तक 1.62 करोड़ पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या के साथ यूटी में पर्यटकों का प्रवाह अब तक का सबसे अधिक रहा है जो आजादी के 75 वर्षों में सबसे अधिक है।

मुख्य सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को सुनिश्चित किया कि सर्वोत्तम संभव व्यवस्था की जाएगी और प्रतिनिधियों को जम्मू-कश्मीर की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता को देखने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने होटल आवास, प्रोटोकॉल, शहर की सजावट, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन, परिवहन, इंटरनेट कनेक्टिविटी, चिकित्सा सुविधाओं, हवाई अड्डों पर व्यवस्था, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और अन्य ब्रांडिंग रणनीतियों जैसी अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

उल्लेखनीय है कि इस वर्ष 1 दिसंबर से भारत एक वर्ष के लिए जी20 की अध्यक्षता ग्रहण करेगा और साथ ही 200 से अधिक बैठकों की अध्यक्षता करेगा, जिसका उद्देश्य वैश्विक आर्थिक विकास और समृद्धि को सुरक्षित करना है। साथ में जी-20 देश दुनिया के 80 प्रतिशत से अधिक सकल घरेलू उत्पाद, 75 प्रतिशत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और दुनिया की 60 प्रतिषत आबादी का प्रतिनिधित्व करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार/बलवान


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