इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कतर पर बंधक वार्ता में पक्षपातपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप लगाते हुए उस पर "दोनों पक्षों के साथ खेलने" का आरोप लगाया है। उन्होंने कतर से आग्रह किया कि वह सभ्यता और हमास के समर्थन के बीच स्पष्ट रूप से एक पक्ष चुने।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में नेतन्याहू ने इजरायल की सैन्य कार्रवाई को "न्यायपूर्ण साधनों से लड़ा गया न्यायपूर्ण युद्ध" करार दिया और इसे सभ्यता और बर्बरता के बीच एक व्यापक संघर्ष बताया। उन्होंने कहा कि कतर को तय करना होगा कि वह शांति और सभ्यता का साथ देगा या हमास जैसे चरमपंथी गुट का।
कतर ने नेतन्याहू के आरोपों को सख्ती से खारिज करते हुए उन्हें "भड़काऊ और गैर-जिम्मेदाराना" बताया। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने कहा कि यह बयान राजनीतिक और नैतिक ज़िम्मेदारी की मूलभूत शर्तों को भी पूरा नहीं करता।
अल-अंसारी ने यह भी दोहराया कि कतर बंधकों की रिहाई के लिए सैन्य हस्तक्षेप नहीं, बल्कि मध्यस्थता और कूटनीति में विश्वास करता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब तक 138 बंधकों को कूटनीतिक प्रयासों के ज़रिए छुड़ाया जा चुका है।
