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बांग्लादेश के हिंदू संत चिन्मय ब्रह्मचारी की कानूनी घेराबंदी, आज तीन और मामलों में गिरफ्तारी

Date : 06-May-2025

ढाका, 06 मई । बांग्लादश के प्रतिष्ठित हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की आज और मजबूत कानूनी घेराबंदी की गई। देश की एक अदालत ने राजद्रोह के आरोप में 26 नवंबर, 2024 से जेल में बंद ब्रह्मचारी को आज तीन और नए मामलों में गिरफ्तार करने की पुलिस को अनुमति प्रदान कर दी। अदालत ने उन्हें कल एक वकील की हत्या के आरोप में गिरफ्तार करने की अनुमति दी थी।

द डेली स्टार की खबर के अनुसार, ब्रह्मचारी को आज चटगांव की एक अदालत ने पिछले साल 26 नवंबर को अदालत भवन परिसर में झड़प, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमले को लेकर कोतवाली पुलिस स्टेशन में दर्ज तीन और मामलों में गिरफ्तार करने की अनुमति प्रदान की। चटगांव मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट एसएम अलाउद्दीन महमूद ने जांच अधिकारियों के आवेदनों को स्वीकार कर उन्होंने गिरफ्तार करने का आदेश पारित किया।

सुरक्षा चिंताओं के कारण सुनवाई सुबह लगभग 10 बजे वर्चुअली आयोजित की गई। मेट्रो सेशन कोर्ट के सहायक लोक अभियोजक एडवोकेट रेहानुल वाजेद चौधरी ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि चिन्मय को अब पांच मामलों में गिरफ्तार दिखाया गया है। इनमें एडवोकेट सैफुल इस्लाम अलिफ की हत्या का मामला भी शामिल है।

द डेली स्टार और ढाका ट्रिब्यून अखबार की खबर के अनुसार, एडवोकेट सैफुल इस्लाम अलिफ की हत्या पिछले साल सात नवंबर को अदालत परिसर के बाहर की गई थी। अतिरिक्त उपायुक्त (अभियोजन) माफिजुद्दीन ने कल बताया था कि चटगांव मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट एसएम अलाउद्दीन ने इस केस जांच अधिकारी के आवेदन को मंजूर करते हुए चिन्मय ब्रह्मचारी को गिरफ्तार करने को मंजूरी दी। सुरक्षा कारणों से पुलिस के आवेदन पर अदालत ने सुबह लगभग 9:30 बजे वर्चुअली सुनवाई की। सहायक लोक अभियोजक एडवोकेट रेहानुल वाजेद चौधरी ने कहा था कि वकील अलिफ हत्याकांड की जांच में चिन्मय का नाम सामने आया था।

चिन्मय फिलहाल एक राजनीतिक रैली के दौरान राष्ट्रीय ध्वज के कथित अपमान को लेकर कोतवाली पुलिस स्टेशन में दर्ज राजद्रोह के मामले में जेल में हैं। इस केस में 26 नवंबर को चटगांव की एक अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया था। आदेश के बाद, उनके समर्थकों ने पुलिस जेल वैन को रोककर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इससे अदालत परिसर में हिंसक झड़प हुई। इस अशांति के दौरान चिन्मय के समर्थकों, पुलिस और वकीलों के बीच हुए त्रिकोणीय संघर्ष में अधिवक्ता अलिफ की जान चली गई। वकील हत्याकांड में पुलिस ने तीन मामले दर्ज किए। इनमें 79 व्यक्तियों को नामजद और लगभग 1,400 अज्ञात लोगों को आरोपित बनाया गया।

इसके अलावा वकील अलिफ के पिता ने 31 व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया, जबकि उनके भाई खान-ए-आलम ने 70 वकीलों सहित 115 आरोपितों के खिलाफ तोड़फोड़ का मामला दर्ज कराते हुए कोतवाली पुलिस स्टेशन में एक और मामला दर्ज कराया। एक अन्य व्यक्ति मोहम्मद उल्लाह चौधरी ने अदालत भवन के बाहर झड़पों के दौरान 69 व्यक्तियों पर हमला करने का आरोप लगाते हुए एक अलग मामला दर्ज कराया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आज तक पुलिस ने इन मामलों के संबंध में 40 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी का असल नाम चंदन कुमार धर है। वह इस्कॉन से भी जुड़े रहे हैं। बांग्लादेश सम्मिलित सनातन जागरण जोत के प्रवक्ता के रूप में उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति मिली। पुलिस ने रविवार को चार आवेदन प्रस्तुत कर उन्हें गिरफ्तार करने की अनुमति मांगी थी। पुलिस के तीन आवेदनों पर अदालत ने आज वर्चुअली सुनवाई की। चिनम्य ब्रह्मचारी के वकील उनकी जमानत के लिए निचली अदालत से लेकर हाई कोर्ट तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं। पिछले दिनों जमानत मंजूर होने की भी खबर आई थी। ब्रह्मचारी पर लगातार कानूनी शिकंजा कसने से उनके जेल से रिहा होने की संभावना आज और क्षीण हो गई।


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