काठमांडू, 29 जनवरी । संसद पुनर्स्थापना की मांग को लेकर सर्वोच्च अदालत पर दबाव बनाने के उद्देश्य से सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को प्रधान न्यायाधीश से मुलाकात करने का प्रयास किया। अदालत पहुंचे इन निवर्तमान सांसदों से प्रधान न्यायाधीश प्रकाश मानसिंह राउत ने मुलाकात करने से ही मना कर दिया।
जेनजी आंदोलन के बाद विघटित प्रतिनिधि सभा की पुनर्स्थापना की मांग को लेकर रिट याचिका दायर करने वाले नेपाली कांग्रेस के निवर्तमान सांसदों का दल आज (गुरुवार) सुबह 10:30 बजे सर्वोच्च अदालत पहुंचा था। पार्टी के संसदीय दल के प्रमुख सचेतक रहे श्याम कुमार घिमिरे के नेतृत्व में अदालत पहुंचे प्रतिनिधिमंडल की यह मांग थी कि इस मामले में फैसला चुनाव से पहले ही आना चाहिए।
प्रधान न्यायाधीश के साथ मुलाकात न होने के बाद जारी सूचना में कहा गया है कि 29 जनवरी को सुबह 10:30 बजे प्रतिनिधि सभा की पुनर्स्थापना के लिए रिट दायर करने वाले नेपाली कांग्रेस के सदस्यों की प्रतिनिधिमंडल टीम का सर्वोच्च अदालत जाने का कार्यक्रम तय था, लेकिन विशेष कारणवश उक्त कार्यक्रम स्थगित किया गया है। इस बारे में श्यामकुमार घिमिरे का कहना है कि प्रधान न्यायाधीश प्रकाशमान सिंह राउत ने मुलाक़ात करने का समय रद्द कर दिया है। उनके सचिवालय से संदेश आया कि आगे एक और सूचना भेजी जाएगी। इसलिए आज का कार्यक्रम स्थगित किया गया।
नेपाली कांग्रेस के 65 निवर्तमान सांसदों ने संसद की पुनर्स्थापना की मांग करते हुए सर्वोच्च अदालत में रिट याचिका दायर की है। हालांकि, इस मामले में अब तक अदालत ने सुनवाई की तारीख तय नहीं की है।
