काठमांडू, 03 फ़रवरी । नेपाल के एलपीजी उपभोक्ता पिछले दो सप्ताह से रसोई गैस की गंभीर कमी का सामना कर रहे हैं, जिससे घरों और छोटे व्यवसायों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
नेपाल के टैंकर भारत से गैस की आपूर्ति समय पर नहीं कर पा रहे हैं, जिसके कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। इससे पहले मधेशी दलों के नाकाबंदी के दौरान भी काठमांडू समेत देश के विभिन्न हिस्सों में गैस की भारी किल्लत और लंबी कतारें देखने को मिली थीं। प्रतिदिन सैकड़ों एलपीजी उपभोक्ता खाली सिलेंडर लेकर काठमांडू के बालाजू औद्योगिक क्षेत्र स्थित नेपाल गैस कार्यालय पहुंच रहे हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि लंबी कतार में खड़े रहने के बावजूद उन्हें गैस नहीं मिल पा रही है।
नेपाल गैस के कार्यकारी संचालक तथा नेपाल एलपीजी गैस उद्योग संघ के अध्यक्ष गोकुल भंडारी ने बताया कि नेपाल में एलपीजी की दैनिक मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं हो पा रही थी, लेकिन अब समस्या का समाधान हो चुका है, लेकिन बाजार में कुछ गड़बड़ी होने के कारण स्थिति को सामान्य होने में कुछ दिन लगेंगे। भंडारी ने बताया कि नेपाल में एलपीजी की प्रतिदिन लगभग 8 हजार सिलेंडर की खपत होती है, जो सर्दियों के महीनों में और बढ़ जाती है। उन्होंने दावा किया कि हाल के दिनों में जितनी मांग है, उससे अधिक गैस बाजार में उपलब्ध है, इसलिए घबराने की कोई स्थिति नहीं है।
नेपाल ऑयल निगम ने नेपाल गैस सहित कुछ अन्य गैस कंपनियों के बाजार में गंभीर कमी की जानकारी होने की बात कही है। निगम के प्रवक्ता मनोज ठाकुर ने बताया कि कमी को जल्द दूर करने के लिए उद्योगपतियों को निर्देश दिए गए हैं। ठाकुर ने कहा, “नेपाल गैस सहित कुछ कंपनियों में समस्या देखी गई है। पाया गया कि वे भारत से समय पर आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। गैस लाने के लिए उनके अपने परिवहनकर्ता नहीं हैं, जो भी हैं वे भारतीय हैं। हम उन्हीं पर निर्भर हैं। यदि समय पर परिवहन उपलब्ध नहीं हुआ तो हमें समस्या का सामना करना पड़ता है, और फिलहाल ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। अभी उद्योगपतियों को बुलाकर कमी दूर करने पर चर्चा की जा रही है और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन से भी निगम बातचीत कर रहा है।”
नेपाल गैस कार्यालय में फिलहाल सुबह से दोपहर 2 बजे तक ही गैस का वितरण किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद उपभोक्ताओं की लंबी कतारें आम दृश्य बनी हुई हैं।
