वियतनाम के राष्ट्रपति टो लाम का बुधवार को नई दिल्ली में भव्य औपचारिक स्वागत किया गया। नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने भारत और वियतनाम के राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए मेहमान नेता का अभिनंदन किया।
यात्रा का कार्यक्रम
राष्ट्रपति टो लाम मंगलवार को बिहार के गया पहुंचे थे, जहां मुख्यमंत्री सम्रात चौधरी ने उनका स्वागत किया। उन्होंने बोधगया के महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। दिल्ली पहुंचने पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।
इससे पहले मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने टो लाम से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस बैठक में भारत-वियतनाम संबंधों को और सशक्त बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ।
10 वर्ष पूरे होने का मौका
राष्ट्रपति टो लाम (जो वियतनाम कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव भी हैं) की यह भारत यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रही है। यह साझेदारी 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वियतनाम यात्रा के दौरान शुरू हुई थी। यह टो लाम की राष्ट्रपति बनने के बाद भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है। वे 7 मई तक भारत में रहेंगे।
आज की अहम बैठकें
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति टो लाम के बीच द्विपक्षीय, क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर महत्वपूर्ण वार्ता होने वाली है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी उनकी मुलाकात निर्धारित है, जबकि अन्य वरिष्ठ नेता भी उनसे भेंट कर सकते हैं।
दौरे के दौरान टो लाम मुंबई भी जाएंगे, जहां वे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का दौरा करेंगे, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और राज्यपाल से मुलाकात करेंगे तथा एक बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच प्राचीन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं। इस यात्रा से व्यापार, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और निवेश के क्षेत्र में सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
