पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने लोकसभा में बताया कि सरकार देश भर में वन्यजीवों के संरक्षण और उनके आवासों के सतत विकास के लिए एकीकृत वन्यजीव आवास विकास योजना को लागू कर रही है। इस योजना का उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षा, संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों के प्रबंधन को सशक्त बनाना है।
श्री यादव ने बताया कि इस योजना के तहत केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
उन्होंने जानकारी दी कि 24 प्रजातियों को लुप्तप्राय प्रजातियों की सूची में शामिल किया गया है, जिनके संरक्षण और पुनर्वास के लिए सरकार विशेष प्रयास कर रही है।
मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव की समस्या को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि हाथी परियोजना के तहत एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य इन संघर्षों को कम करना है। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे इस SOP को अपनाकर स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करें।
सरकार की यह पहल जैव विविधता के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
