विपक्षी दलों के विरोध के बावजूद लोकसभा ने आयकर (संख्या 2) विधेयक, 2025 और कराधान विधि (संशोधन) विधेयक, 2025 को ध्वनिमत से पारित कर दिया है। इन विधेयकों को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया, जिसमें बिहार में विशेष गहन संशोधन प्रक्रिया सहित कई मुद्दों को लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई।
विधेयकों का उद्देश्य:
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आयकर (संख्या 2) विधेयक, 2025:
आयकर संबंधी कानूनों को समेकित और संशोधित करने का प्रयास है। -
कराधान विधि (संशोधन) विधेयक, 2025:
आयकर अधिनियम, 1961 और वित्त अधिनियम, 2025 में संशोधन करेगा।
प्रमुख सुधार और परिवर्तन:
वित्त मंत्री ने बताया कि 2014 के बाद से सरकार ने कॉर्पोरेट कर, व्यक्तिगत आयकर, पूंजीगत लाभ, और ट्रस्ट प्रावधानों में कई महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, दक्ष और करदाता-अनुकूल बनाना है।
सरलीकरण की प्रक्रिया:
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13 फरवरी, 2025 को सरलीकृत आयकर विधेयक, 2025 संसद में पेश किया गया था।
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विधेयक को प्रवर समिति को भेजा गया, जिसने 21 जुलाई को अपनी रिपोर्ट सौंपी।
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सरकार ने समिति की लगभग सभी सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है।
महत्वपूर्ण प्रावधान:
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धारा 80एम के तहत कटौती अब उन कंपनियों के लिए भी उपलब्ध होगी जो नई कर व्यवस्था को अपनाती हैं (खंड 148, आयकर विधेयक, 2025)।
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यह सुधार कॉर्पोरेट क्षेत्र को अधिक लचीलापन और कर लाभ प्रदान करेगा।
हालाँकि विपक्ष ने प्रक्रिया और कुछ विशेष बिंदुओं को लेकर विरोध जताया, लेकिन सरकार ने विधेयकों को पारित कर वित्तीय सुधारों के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। यह कदम कर प्रणाली को सरल, समावेशी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
