भारतीय तटरक्षक बल (ICG) और श्रीलंका तटरक्षक बल (SLCG) के बीच 8वीं उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन नई दिल्ली में किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य समुद्री सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण, खोज एवं बचाव, और समुद्री कानून प्रवर्तन जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक मजबूत करना था।
प्रमुख चर्चा बिंदु:
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समुद्री प्रदूषण नियंत्रण: दोनों देशों ने साझा समुद्री क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए समन्वित प्रयासों पर बल दिया।
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खोज एवं बचाव (SAR): आपात स्थितियों में संयुक्त अभियानों और संसाधनों की साझा उपयोगिता पर चर्चा हुई।
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समुद्री कानून प्रवर्तन: मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध मत्स्य पालन, और अन्य समुद्री अपराधों से निपटने में साझा रणनीतियाँ अपनाने का संकल्प लिया गया।
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तकनीकी सहयोग एवं क्षमता निर्माण: दोनों पक्षों ने प्रशिक्षण, विशेषज्ञता के आदान-प्रदान, और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देने पर सहमति जताई।
प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व:
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भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ICG के महानिदेशक परमेश शिवमणि ने किया।
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श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व SLCG के महानिदेशक रियर एडमिरल वाई. आर. सेरासिंघे ने किया।
साझा संकल्प:
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने समकालीन समुद्री चुनौतियों से निपटने, क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने, और सुरक्षित व संरक्षित समुद्री परिवेश सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान और सतत सहयोग के माध्यम से आपसी संबंधों को और गहरा करने पर जोर दिया।
निष्कर्ष:
यह बैठक भारत-श्रीलंका समुद्री साझेदारी को एक नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है, जो न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को मज़बूत करेगा, बल्कि समुद्री संसाधनों के सतत प्रबंधन और आपसी विश्वास को भी बढ़ावा देगा।
